पूर्व सीएम राबड़ी देवी के भाई को मिली जमानत

13 फरवरी को किया था सरेंडर
दरअसल, पूर्व के मामलों को लेकर सुभाष यादव फरार चल रहे थे. इससे पूर्व में पुलिस द्वारा एयरपोर्ट थाना भीतर उनके फ्लैट में कुर्की-जब्ती से पूर्व इश्तहार भी चिपकाए गए थे. इसके बाद भी जब उन्होंने कोर्ट में सेरेण्डर नहीं किया. 13 फरवरी को दानापुर पुलिस भारी पुलिस बल के साथ सुभाष यादव के घर की संपत्ति की कुर्की-जब्ती करने के लिए पहुंची थी. इसी को ध्यान में रखते हुए सुभाष यादव ने उसी दिन यानी 13 फरवरी को पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट में सेरेण्डर कर दिया था.
इन आरोपों के कारण कारावास जाना पड़ा था
पुलिस के अनुसार, सुभाष यादव पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और रंगदारी के एक मुद्दे में कारावास जाना पड़ा था. इल्जाम है कि पूर्व सांसद ने भीम वर्मा की मां से 96 लाख रुपये में अपनी पत्नी के नाम पर सात कट्ठा जमीन खरीदी थी. भीम ने इल्जाम लगाया कि 27 फरवरी 2021 से उसपर 60 लाख रुपये वापस करने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है. पैसे नहीं देने पर उनकी मां और भाई को सुभाष यादव ने अपने घर में बंधक बना लिया था और पैसा वापस नहीं करने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. इसके बाद पीड़ित ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में इन्साफ की गुहार लगाई. इसके बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर सुभाष यादव और अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई.

