बिहार

कायम है पूर्व डिप्टी सीएम की धाक, BJP ने बेतिया से रेणु देवी को दिया टिकट

भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 71 उम्मीदवारों की सूची जारी की है और इस सूची में बेतिया विधानसभा सीट से एक बार फिर रेणु देवी को प्रत्याशी बनाया गया है. बीजेपी ने उनके अनुभव, साख और गहरे जनसमर्थन को ध्यान में रखते हुए उन पर

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रेणु देवी नोनिया (EBC) समाज से आती हैं और बिहार की राजनीति में स्त्री शक्ति के प्रतीक के रूप में जानी जाती हैं. OneIndia की जानकारी के मुताबिक उन्होंने बीए तक की पढ़ाई की थी और पार्टी की स्त्री शाखा से राजनीति में एक्टिव रूप से जुड़ी थीं.

राजनीतिक यात्रा की आरंभ 1980 के दशक में ही हुई. उन्होंने बीजेपी में स्त्री मोर्चा से एक्टिव किरदार निभाई और धीरे-धीरे संगठन में अपनी पकड़ बनाई. उन्होंने 1995 में नौतन से विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाईं. बाद में 2000 में पहली बार विधायक बनीं, और 2000 से 2015 तक लगातार विधायक रहीं. 2015 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2020 में उन्होंने वापस विधायक की कुर्सी पर कब्जा कर लिया.

2020 में बिहार की गवर्नमेंट बनने के बाद, वे उपमुख्यमंत्री बनीं. इस अवधि में उन्हें पंचायत राज, पिछड़ा वर्ग विकास, उद्योग, और आपदा प्रबंधन जैसे जरूरी विभागों की जिम्मेदारी दी गई. हाल ही में, 2024 के राजगठन के बाद उन्होंने पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली है.

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में, बीजेपी ने इस टिकट से अनुभव, जातीय समीकरण और स्त्री नेतृत्व के तीनों आयामों को साधा है. बेतिया विधानसभा सीट पर वे छठी बार जीत का झंडा लहराने की चुनौती ले रही हैं, जब कांग्रेस पार्टी और अन्य दलों ने इस सीट को वापस लेने की तैयारी प्रारम्भ कर दी है.

स्थानीय धरातल पर भी उनका जनाधार मजबूत माना जाता है. गली-गली में उनके विकास दायित्वों की चर्चा है. बीजेपी जिलाध्यक्ष रूपक श्रीवास्तव, राहुल कुमार और संतोष कुमार समेत कई नेताओं ने उन्हें शुभकामना दी है. उनके समर्थक अब “फिर तैयारी रेणु देवी की” जैसे नारे लगाने लगे हैं.

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बेतिया से किसानों, स्त्रियों और पिछड़े वर्ग के मामले इस चुनाव में निर्णायक होंगे और रेणु देवी इस समीकरण में बीजेपी की मजबूती की अमूर्त पहचान बन सकती हैं.

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