बिहार

80 एकड़ में तैयार होगा कचरा सेग्रिगेशन प्रोसेसिंग प्लांट

पटना में डोर टू डोर गाड़ियों के जरिए घरों से निकलने वाले गीला और सूखा कचरा को भिन्न-भिन्न सेग्रिगेट करने के लिए 19 सितंबर से मिशन टोटल सेग्रिगेशन की आरंभ होगी. नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन ने इसकी जानकारी दी है. मिशन की आरंभ बिहार के राज्यपाल

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सेग्रिगेशन प्रोसेसिंग यूनिट की होगी शुरुआत

मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि प्रत्येक दिन पटना से 1600 टन कचरा निकलता है. सेग्रिगेशन प्रोसेसिंग यूनिट के लिए निगम ने 80 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है. केंद्र गवर्नमेंट से इसके लिए बात हो चुकी है. इसका क्लियरेंस मिलते ही टेंडर निकाल दिया जाएगा. 2 महीने के अंदर इसके निर्माण का काम भी प्रारम्भ कर दिया जाएगा.

375 टीम का किया गया गठन

इस अभियान के लिए 375 टीम का गठन किया गया है. जो घर-घर जाकर लोगों को सतर्क करेगी. इसके लिए तीन दिन का ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित किया जाएगा. इसमें स्वच्छता एंबेसडर भी बनाए जाएंगे. इसे मास कैंपेन बनाने के लिए विभिन्न संस्थानों को स्टेक होल्डर बनाया गया है. सरकारी और प्राइवेट विद्यालय को भी इससे जोड़ा जाएगा. पटना के विभिन्न दुकानदार संघ, होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल के साथ भी मीटिंग होगी.

बेहतर रैंक के लिए उठाया गया कदम

नगर निगम के नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने बोला कि दिसंबर तक निगमकर्मी लोगों को सतर्क करेंगे. इस अभियान के बाद घरों से गीला और सूखा कचरा भिन्न-भिन्न लिया जाएगा. निगम कचरों के कलेक्शन के साथ-साथ उसके सेग्रिगेशन पर भी काम करेगा और उसके प्रोसेसिंग को भी आगे बढ़ाएगा. जब प्लांट स्थापित होगा तो उसमें सेग्रिगेटेड कचरा होना महत्वपूर्ण है, नहीं तो प्लांट चल नहीं पाएगा. ये कदम स्वच्छता सर्वे में पटना की बेहतर रैंक को बनाने के लिए है.

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