गोपाल अग्रवाल ने JDU में मारी धमाकेदार एंट्री, नामांकन भरते ही दिया बड़ा बयान
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले किशनगंज की ठाकुरगंज विधानसभा सीट (संख्या-53) पर जनता दल (यूनाइटेड) को मजबूती मिली है. पूर्व विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने JDU प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. उनकी उम्मीदवारी से सीमांचल क्षेत्र में
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अग्रवाल ने 2020 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 56,022 वोट हासिल कर दूसरा जगह प्राप्त किया था. इस बार वे JDU के टिकट पर मैदान में उतरेंगे, जिससे NDA गठबंधन को फायदा मिलने की आसार है.
अग्रवाल-मारवाड़ी समुदाय से आते हैं गोपाल अग्रवाल
गोपाल अग्रवाल (52) ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है और ग्रेजुएशन के पार्ट-1 और पार्ट-2 पूरे किए हैं. वे अग्रवाल-मारवाड़ी समुदाय से आते हैं. राजनीति में उनका यात्रा बचपन से ही प्रारम्भ हो गया था, क्योंकि उनके पिता ताराचंद धनुका, जिन्हें सूरजापुरी गांधी के नाम से जाना जाता था, सियासी गतिविधियों में एक्टिव थे. अग्रवाल 2000 से 2005 तक जिला परिषद सदस्य रहे और 2005 से 2010 तक सपा (सपा) से विधायक भी चुने गए. 2010 से 2025 तक उन्होंने समाज सेवा में एक्टिव किरदार निभाई.
‘ठाकुरगंज मेरी कर्मभूमि’
नामांकन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गोपाल अग्रवाल ने कहा, “ठाकुरगंज मेरी कर्मभूमि है. पिछले 15 वर्षों में मैंने जनसेवा को ही अपना धर्म माना है. 2020 में निर्दलीय चुनाव लड़कर जनता का समर्थन प्राप्त किया. अब JDU परिवार में वापसी कर मैं विकास, रोजगार और सामाजिक इन्साफ के एजेंडे को मजबूत करूंगा. सीएम नीतीश कुमार की कल्याणकारी योजनाओं को यहां तक पहुंचाने का वादा करता हूं.” उन्होंने लोकसभा चुनावों में JDU की बढ़त का हवाला देते हुए इस बार NDA की जीत सुनिश्चित बताई.
सीट पर मुसलमान वोट बैंक प्रमुख
ठाकुरगंज सीट पर 2020 में RJD के सउद आलम ने 79,909 वोटों से जीत हासिल की थी, जबकि अग्रवाल 23,887 वोटों के अंतर से दूसरे नंबर पर रहे थे. इस सीट पर मुसलमान वोट बैंक प्रमुख है, हालांकि 2019-24 के लोकसभा चुनावों में JDU को 2,026 वोटों की बढ़त मिली थी. NDA के सूत्रों का मानना है कि अग्रवाल की लोकप्रियता इस बार चुनावी समीकरण बदल सकती है. नामांकन कार्यक्रम में सैकड़ों समर्थक उपस्थित थे.

