सीयूएसबी के 4th दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान होंगे शामिल
दक्षिण बिहार केंद्रीय यूनिवर्सिटी (सीयूएसबी) का 4th दीक्षांत कार्यक्रम 20 मार्च को होगा. बिहार के महामहिम गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान मुख्य मेहमान के रूप में शामिल होंगे. दीक्षांत कार्यक्रम में साल 2021 और 2022 में उत्तीर्ण 1346 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाणपत्
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कुलपति प्रो। कामेश्वर नाथ सिंह ने बोला कि यूनिवर्सिटी केवल डिग्री देने का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला संस्थान है. उन्होंने बोला कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप शिक्षित करना और उन्हें कौशल के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के लिए तैयार करना है. “कैंपस फॉर कम्युनिटी” यूनिवर्सिटी का प्रमुख ध्येय है.
बेटियों ने मारी बाजी, 80 गोल्ड में से 59 पर कब्जा
इस दीक्षांत कार्यक्रम में 80 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा. इन 80 में से 59 गोल्ड मेडल बेटियों के नाम रहेंगे. 2021 के लिए 2 विद्यार्थियों को चांसलर गोल्ड मेडल, 10 को विद्यालय गोल्ड मेडल और 26 को डिपार्टमेंट गोल्ड मेडल मिलेगा. वहीं, 2022 के लिए 2 विद्यार्थियों को चांसलर गोल्ड मेडल, 11 को विद्यालय गोल्ड मेडल और 29 विद्यार्थियों को डिपार्टमेंट गोल्ड मेडल दिया जाएगा.
विश्वविद्यालय ने हासिल की कई उपलब्धियां
कुलपति प्रो। कामेश्वर नाथ सिंह ने बोला कि सीयूएसबी ने पिछले सालों में गौरतलब उपलब्धियां हासिल की है. 2023 में यूनिवर्सिटी को नैक (NAAC) से 3.58 स्कोर के साथ ‘ए++’ ग्रेड प्राप्त हुआ. साल 2024 में यूनिवर्सिटी आर्थिक सहायता आयोग (UGC) ने इसे कैटेगरी-1 यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया, जिससे इसे स्वायत्तता भी मिली.
साथ ही, बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी डेटा साइंस और एमएससी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स प्रारम्भ किए गए. इस वर्ष से बीबीए एलएलबी और 13 विषयों में इंटीग्रेटेड यूजी-पीजी पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ हो चुके हैं. भविष्य में डिस्टेंस लर्निंग, बीफार्मा, एमएससी साइबर सिक्योरिटी और एलएलएम जैसे नए कोर्स लाने की योजना है.
खेल और अध्ययन को भी मिल रहा बढ़ावा
कुलपति ने कहा कि खेलो इण्डिया के अनुसार युवा और खेल मंत्रालय ने मिल्खा सिंह खेल परिसर के पास मल्टीपर्पज हॉल के लिए 9.50 करोड़ रुपए का आर्थिक सहायता दिया है. इससे विद्यार्थी किसी भी मौसम में खेल गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे.
इसके अलावा, शिक्षकों और विद्यार्थियों के अध्ययन कार्यों के लिए 11.64 करोड़ रुपए का आर्थिक सहायता मिला है, जो बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.
ड्रेस कोड का भी रखा गया है विशेष ध्यान
दीक्षांत कार्यक्रम के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है. लड़कियों को ऑफ व्हाइट/क्रीम/लाइट येलो रंग की साड़ी के साथ गोल्डन/मैरून/रेड बॉर्डर और हाफ थ्री-क्वार्टर स्लीव ब्लाउज पहनना होगा. वहीं, लड़कों को सफेद कुर्ता, सफेद पायजामा या धोती पहननी होगी. सभी को सफेद मोजे और औपचारिक जूते पहनने होंगे. पगड़ी और पटका पहनना जरूरी किया गया है.
कुलपति ने बोला कि दीक्षांत कार्यक्रम को लेकर पूरे यूनिवर्सिटी में उत्साह का माहौल है. उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और क्षेत्रीय लोगों से इसे यादगार बनाने में योगदान करने की अपील की.

