बिहार

पटना एनआइटी कैंपस में बनेगा इन्क्यूबेशन सेंटर

बीसीइ-एनआइटी पटना एलुमिनाई सोसाइटी की ओर से कॉलेज के 100 साल पूरा होने के अवसर पर वार्षिक एलुमिनाई मीट हुआ इस अवसर पर मुख्य मेहमान के रूप में शामिल सीएम नीतीश कुमार ने एनआइटी कैंपस में इन्क्यूबेशन सेंटर तैयार बनाने की घोषणा की उन्होंने अफसरों को इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए डीपीआर तैयार करने का आदेश दिया सीएम ने बोला कि एक हफ्ते में इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के लिए राशि जारी की जायेगी सीएम ने बोला कि पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल 5,462 बेड का बन रहा है, जिसका एक हिस्सा लगभग पूरा होने वाला है दो वर्ष के अंदर काम पूरा कर दिया जाएगाNewsexpress24. Com download 11 5

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नये कैंपस में छह हजार विद्यार्थियों की क्षमता

कार्यक्रम के दौरान एनआईटी पटना के दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर श्रद्धाजंलि दी गई इस कार्यक्रम का आयोजन बीसीई एनआइटी पटना परिसर स्थित एम्फीथिएटर में किया गया था इसके साथ ही सीएम ने बिहटा स्थित कॉलेज के नये कैंपस में छह हजार विद्यार्थियों की क्षमता विकसित करने के लिए निर्देश दिया

एनआइटी का मूल कैंपस पुराना कैंपस ही रहेगा

उन्होंने बोला कि एनआइटी का मूल कैंपस पुराना कैंपस ही रहेगा इस कैंपस का दूसरा हिस्सा बिहटा में होगा दोनों कैंपस मिलाकर विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से यह राष्ट्र का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग कॉलेज होगा कार्यक्रम में एलुमिनाई सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो संतोष कुमार ने सीएम से पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विवि का दर्जा दिलाने का आग्रह किया

नये कैंपस में जुलाई से प्रारम्भ होगी पढ़ाई

मुख्यमंत्री ने बोला कि हमलोगों ने एनआईटी पटना को विस्तारित करने के लिए बिहटा में 125 एकड़ जमीन मौजूद कराया जो अब बनकर तैयार हो गया है बिहटा में भी करीब छह हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई की प्रबंध की गई है एनआईटी पटना के अतिरिक्त राष्ट्र में कहीं भी इतनी बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की प्रबंध नहीं है बिहटा स्थित कॉलेज के नये कैंपस में जुलाई से प्रारम्भ से पढ़ाई प्रारम्भ कर दी जायेगी कार्यक्रम में कॉलेज के डायरेक्टर पीके जैन ने बोला कि नये सेंटर में एलुमिनाई रिसर्च सेंटर की भी स्थापना होगी इसकी सहायता से एलुमिनाई सदस्यों को डोनेशन पर आयकर रिबेट भी दिया जायेगा

एनआइटी से 51 वर्ष पहले हुये से पासआउट नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री ने बोला कि मुझे इस संस्थान से पासआउट हुए 51 वर्ष हो गया है यहां हर साल आयोजित होने वाले एलुमिनाई मीट में हमारे पुराने एवं नए साथी भी आते हैं, जहां हमें अपने सहपाठियों से मिलने का मौका मिलता है मैंने पटना साइंस कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद यहां एडमिशन लिया था उस समय 500 विद्यार्थी यहां पढ़ते थे, बहुत अच्छा लगता था यदि पटना में स्टूडेंट यूनियन का चुनाव होता था तो मेरे कहने पर यहां के 500 में से 450 विद्यार्थी समर्थन में वोट करते थे उस बात को हम कभी भूल नहीं सकते

2004 में मिला था एनआइटी का दर्जा

मुख्यमंत्री ने बोला कि अटल गवर्नमेंट में मंत्री रहने के दौरान राष्ट्र में कुल 14 जगहों पर एनआईटी बन रहा था हमने आग्रह किया कि बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग राष्ट्र का छठा इंजीनियरिंग कॉलेज है, जिसे एनआईटी का दर्जा मिलना चाहिए उसी समय साल 2004 में बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को एनआईटी का दर्जा मिला हमलोगों के समय यहां विद्यार्थियों की संख्या 500 थी जो अब बढ़कर 5000 हो गई है

क्या है इन्क्यूबेशन सेंटर

ये ऐसी संस्थाएं होती हैं, जिनका शुरुआती काम स्टार्टअप को आइडिएशन से लेकर मार्किट में पहुंचना और सेल्स, फंडिंग सपोर्ट करना तक होता है ये आपके स्टार्टअप को वर्किंग स्पेस, मेंटरिंग, मार्केटिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, शुरुआती फंडिंग, नेटवर्क सपोर्ट, रेगुलर ट्रेनिंग, टीम सपोर्ट, लैब्स, महत्वपूर्ण टूल्स, सब कुछ देने का काम करते है आज गवर्नमेंट के तरफ से भी हर राज्यों में बहुत से सरकारी और गैर सरकारी इन्क्यूबेशन (सरकार के योगदान से) सेंटर्स चल रहे हैं, जहां इन सपोर्ट के साथ साथ शुरुआती ग्रांट्स भी दिये जाते हैं

इन्होंने किया संबोधित

कार्यक्रम को बीसीई एनआईटी० पटना के निदेशक पीके जैन, बीसीई एनआईटी पटना एलुमिनी सोसायटी के सचिव डॉ संजय कुमार, बिहार राज्य यूनिवर्सिटी सेवा आयोग के चेयरमैन प्रो जीके चौधरी, बीसीई एनआईटी पटना एलुमिनाई सोसायटी के अध्यक्ष प्रो संजय कुमार, कोषाध्यक्ष प्रो संजीव कुमार एवं प्रो सीएन सिन्हा ने भी संबोधित किया

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर सीएम के सचिव अनुपम कुमार, प्रो कामिनी सिन्हा, प्रो अमृता सिन्हा, इंजीनियर राशिद परवेज, इंजीनियर निलेश कुमार, प्रो रमेश कुमार, प्रो सुलेना रजक, प्रो शैलेंद्र मंडल, प्रो सुरेंद्र प्रसाद, इंजीनियर आरती सिन्हा, बीसीई एनआईटी पटना एलुमिनाई सोसायटी के सदस्यगण, बीसीई एनआईटी पटना के अध्यापक, छात्र-छात्रायें, पूर्ववर्ती विद्यार्थी एवं उनके परिजन मौजूद थे

इनको दिया गया प्रतीक चिह्न

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीसीई एनआइटी पटना के डायमंड जुबली बैच साल 1964 के पूर्ववर्ती छात्रों, गोल्डेन जुबली बैच साल 1974 के पूर्ववर्ती वाइएसी विद्यार्थियों को सम्मानित किया साथ ही रुबी जुबली बैच साल 1983-84 के पूर्ववर्ती विद्यार्थियों एवं एडमिशन बैच एलुमिनाई फॉर सिल्वर जुबली साल 1994 के विद्यार्थियों को प्रतीक चिह्न प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया

पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री ने सोसायटी के अध्यक्ष प्रो संतोष कुमार द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया शताब्दी साल के अवसर पर तैयार की गई स्मारिका का भी विमोचन किया सीएम ने एनआइटी पटना 1954 बैच के विद्यार्थी और सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर जेवी साह और एनआईटी पटना 1959 बैच के विद्यार्थी तथा सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर केडीपी सिन्हा का अभिनंदन किया

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