मुजफ्फरपुर में संयुक्त छात्र संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
मुजफ्फरपुर के बिहार यूनिवर्सिटी में अनियमितता का इल्जाम है. विद्यार्थियों की समस्याओं के निवारण में ढिलाई का इल्जाम लगाते हुए शनिवार को संयुक्त विद्यार्थी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. दोपहर 12:30 बजे हिंदी विभाग से आक्रोश मार्च निकाला गया, जो प्रशासनिक भवन
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छात्र नेताओं ने बोला कि यूनिवर्सिटी प्रशासन लगातार विद्यार्थियों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है. मनमानी और तानाशाही रवैये के विरुद्ध यह आंदोलन तेजी से आगे बढ़ेगा.
राजद विद्यार्थी संगठन के नेता चंदन यादव ने PET (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक मुद्दे को प्रमुख मामला बनाया. उन्होंने इल्जाम लगाया कि इतने समय बाद भी इस मुद्दे में किसी भी उत्तरदायी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई. दोषियों को बचाने का कोशिश हो रहा है, जबकि विद्यार्थियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है.
कुलपति पर 5.34 करोड़ के गैरकानूनी भुगतान का आरोप
पूर्व विद्यार्थी संघ अध्यक्ष बसंत कुमार सिद्धू ने कुलपति पर गंभीर इल्जाम लगाते हुए बोला कि उन्होंने लखनऊ की एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को 5.34 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया. यह भुगतान न तो फाइनेंस कमेटी से अनुमोदित था और न ही राजभवन से अनुमति ली गई थी.
छात्र संगठनों ने यह भी इल्जाम लगाया कि यूनिवर्सिटी से जुड़े कई कॉलेजों में रेगुलर डिग्री कोर्स को गैरकानूनी ढंग से सेल्फ फाइनेंस मोड में चलाया जा रहा है. इन कोर्सों में न तो शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही मानकों का पालन किया जा रहा है. इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और छात्र-छात्राएं परेशान हैं.
छात्र नेताओं ने यह भी बोला कि छात्राओं को गवर्नमेंट की ‘कन्या उत्थान योजना’ का लाभ तक नहीं मिल रहा है. कई पात्र छात्राएं योजना से वंचित हैं. संगठनों ने मांग की कि इस योजना का लाभ सभी छात्राओं तक पहुंचे और सेल्फ फाइनेंस कोर्स को तुरंत रेगुलराइज किया जाए.
पारदर्शी यूनिवर्सिटी की मांग
छात्र संगठनों ने साफ किया कि यह आंदोलन किसी सियासी उद्देश्य से प्रेरित नहीं है. यह पूरी तरह यूनिवर्सिटी को पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी हितैषी बनाने के लिए चलाया जा रहा है. जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा. उन्होंने बोला कि यूनिवर्सिटी की मनमानी और तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में तनावपूर्ण स्थिति रही. प्रशासनिक भवन के सामने सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल की तैनाती की गई थी.

