जानें, राज्यपाल और मुख्य सचिव से मिलने के बाद कैसा महसूस कर रहे हैं BPSC अभ्यर्थी…
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर पुनर्परीक्षा की मांग को लेकर 14 दिनों से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों की उम्मीदें अब जग गई है। अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के गवर्नर और मुख्य सचिव से मिलने के बाद उन्हें आशा जगी है कि कुछ पॉजिटिव रिज़ल्ट सामने आएगा। दरअसल, रविवार को प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद विद्यार्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के नेतृत्व में मुख्य सचिव और गवर्नर से मुलाकात की थी।

राज्यपाल के पास गए थे तब कार्रवाई हुई: BPSC अभ्यर्थी
उस प्रतिनिधि मंडल के सदस्य और सीतामढ़ी के रहने वाले सौरव सुमन ने कहा, “मुलाकात का पॉजिटिव आश्वासन मिला है। जब हम लोग गवर्नर के पास गए थे तब कार्रवाई हुई है। हमने अपनी पूरी मांगों को लेकर एक पत्र लिखा। उसके बाद गवर्नर ने आयोग के ऑफिसरों को बुलाने की बात कहीं और उनसे बैठक की बात हुई।
मुख्य सचिव ने दिया है आश्वासन
“वहीं मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद वहां हमने अपनी सभी बातों को रखा है। संदेह के आधार पर कोई बात नहीं रखी गयी है। जो पुख्ता बातें थी, वह रखी गई। उन्होंने सभी बातों को सुनने के बाद आश्वस्त किया कि आप लोगों की बात ‘फेयर’ है। मुख्य सचिव ने आश्वासन देते हुए बोला कि बीपीएससी के चैयरमेन से बात की जाएगी। पुनर्परीक्षा के लिए कुछ पॉजिटिव कदम उठाएंगे। अब क्या होने वाला है पता नहीं, लेकिन आज शाम तक कुछ पॉजिटिव परिणाम की आशा है।”
राजनीतिक नेता हमारे गार्जियन: अभ्यर्थी रवीश आनंद
इधर, अभ्यर्थी रवीश आनंद कहते हैं कि सभी सियासी नेता हमारे गार्जियन की तरह हैं। उन्होंने बोला कि मुख्य सचिव ने पूरे मुद्दे को गंभीरता से सुना। प्रत्येक बिंदुओं को उनके सामने रखा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस पर हम लोग काम कर रहे हैं। मुख्य सचिव इसे लेकर चर्चा करेंगे। रवीश ने बोला कि आशा है कि बीपीएससी की पुनर्परीक्षा करवाकर इन्साफ दिया जाएगा।

