बिहार

बक्सर से आरा जाते वक्त हुआ बड़ा हादसा, जानें कितनों की हुई मौत…

बक्सर के केसठ प्रखंड के रामपुर गांव में दशहरा की खुशियां मातम में बदल गई. गुरुवार की शाम आरा दशहरा मेला जा रहे तीन युवकों की बाइक को एक अज्ञात वाहन ने भिड़न्त मार दी. इस हादसे में एक पुरुष की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

268 1730896534672b62969020d whatsappimage

WhatsApp Group Join Now

हादसा बिहिया थाना क्षेत्र के गजराजगंज के पास हुआ. रामपुर गांव निवासी राज रौशन कुमार उर्फ देवन कुमार (16 ), संदीप कुमार (18 ) और राजेश कुमार (22 ) एक ही बाइक पर सवार होकर आरा के लिए निकले थे. वे कुल नौ दोस्त तीन बाइकों पर सवार होकर जा रहे थे. सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार भिड़न्त मार दी.

टक्कर इतनी भयंकर थी कि तीनों पुरुष सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए. क्षेत्रीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को गंभीर हालत में आरा सदर हॉस्पिटल पहुंचाया. हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने जांच के बाद राज रौशन को मृत घोषित कर दिया.

घायलों को पटना किया रेफर

नारायण पासवान के बेटे संदीप कुमार और भेलूपुर निवासी ददन पासवान के बेटे राजेश कुमार की हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें पटना रेफर कर दिया गया. दोनों का उपचार जारी है.

राज रौशन के मृतशरीर का पोस्टमॉर्टम आरा सदर हॉस्पिटल में कराया गया, जिसके बाद मृतशरीर परिजनों को सौंप दिया गया. मृतशरीर गांव पहुंचते ही पूरे गांव में मातमी माहौल छा गया और परिवार के लोग दहाड़ मारकर रोने लगे.

रौशन के साथ बैठे दोनों पुरुष घायल

मृतक के परिजन मंटू कुमार ने कहा कि राज रौशन अपने नौ दोस्तों के साथ तीन बाइकों पर आरा मेला जा रहा था. जिस बाइक को राज रौशन चला रहा था, उसी पर संदीप और राजेश भी सवार थे. मृतक राज रौशन बहुत साधारण परिवार से था. वह गांव में रहकर ट्रैक्टर चलाता था और इसी से परिवार को आर्थिक सहायता करता था.

4 भाई-बहन में था सबसे बड़ा

तीन भाइयों और एक बहन में वह सबसे बड़ा था. उसके पिता भी गांव में ट्रैक्टर और चार पहिया वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. मां रीटा देवी, छोटे भाई ऋतिक और कृतिक तथा बहन संध्या का रो-रोकर बुरा हाल है.

गांव के समाजसेवी अमित पांडेय ने कहा कि राज रौशन का परिवार काफी गरीब है. प्रशासन को चाहिए कि पीड़ित परिवार को तुरन्त मुआवजा दिया जाए, ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें कुछ सहारा मिल सके.

Back to top button