जानिए, कौन सा खजाना ढूंढ रहे थे स्कूल के टीचर, जिसके कारण स्कूल बना युद्ध क्षेत्र…
जमुई:- बिहार में शिक्षा विभाग कब क्या कर दे, इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है। कभी किसी शिक्षक के द्वारा कोई अनोखी चीज कर दी जाती है, तो कभी शिक्षा विभाग इस रेस में शामिल हो जाता है। शिक्षक और शिक्षा विभाग के बीच चल रही इस प्रतिद्वंदिता में लगातार ऐसी तस्वीर सामने आती रहती है, जिसे देखकर आपके आश्चर्य की सीमा नहीं रहेगी। ऐसा ही एक मुद्दा जमुई जिले में सामने आया है, जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। जमुई जिले के शिक्षा विभाग कार्यालय में ऐसी अव्यवस्था देखने को मिली, जो शिक्षकों के लिए मैराथन रेस साबित हो रही है।

स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक प्रतिदिन तलाशते हैं प्रश्नपत्र
सोचिए, क्या हो यदि विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक को किसी खजाने की तलाश में लगा दिया जाए। ऐसा ही जमुई जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय में देखने को मिला, जहां शिक्षक खुले मैदान में गुमशुदा प्रश्नपत्र ढूंढते नजर आ रहे थे, जैसे कोई खजाना तलाश रहे हों। अपने-अपने विद्यालय के कोड के मुताबिक प्रश्नपत्र खोजते-खोजते शिक्षक इतने परेशान हो गए कि उन्होंने इसे ‘प्रश्नपत्र खोज प्रतियोगिता’ का नाम दे दिया। इस प्रतियोगिता में जीतने के लिए हर शिक्षक को लगभग एक घंटा खर्च करना पड़ रहा था। लेकिन बेचारे शिक्षक अपनी परेशानी बताने से डर रहे थे, क्योंकि कहीं विभाग की कार्रवाई का सामना न करना पड़े। एक स्त्री शिक्षक ने चुटकी लेते हुए बोला कि कल से ही मैं प्रश्नपत्र ढूंढ रही हूं, लगता है मैराथन दौड़ में हिस्सा ले रही हूं।
27 जुलाई से होनी है मासिक परीक्षा
दरसअल, 27 जुलाई से 9वीं, 10वीं और 12वीं की मासिक परीक्षाएं होनी हैं, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थी शामिल होंगे। लेकिन उनके प्रश्नपत्र शिक्षक भर्ती कार्यालय में खुले आसमान के नीचे मैदान में यूं ही बिखरे पड़े थे। शिक्षा विभाग के क्लर्क कौशलेंद्र कुमार ने इस पूरी अव्यवस्था को सिरे से नकारते हुए बोला कि प्रश्नपत्र फेंके नहीं गए हैं, बल्कि नंबरिंग करके रखे गए हैं। कोई परेशान नहीं है, सबको प्रश्नपत्र मिल रहे हैं। मजेदार बात यह है कि इन दिनों बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में किसी भी समय बारिश होती है और किसी भी समय धूप निकल आती है। लेकिन प्रश्न पत्रों को खुले मैदान में आसमान के नीचे फेंकना कहां तक ठीक है। अब इसका वीडियो सामने आया है, जो काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

