Langur Attack: जान के दुश्मन बन बैठे है लंगूर, लगातार कर रहे हैं हमले
गया जिले में लंगूर का आतंक देखने को मिल रहा है। जिले के टनकुप्पा प्रखंड क्षेत्र के जगन्नाथपुर, श्रीरामपुर, करियादपुर, परवलपुर आदि गांव में पिछले दो महीने से लंगूर का आतंक जारी है। लगभग आधे दर्जन गांवों के दो दर्जन से भी अधिक लोगों को लंगूर ने अपना निशाना बनाया है। इसमें एक आदमी की मृत्यु भी हो गई है। लंगूरों के आतंक से क्षेत्र के ग्रामीण डर के साये में जी रहे हैं। लंगूर का झुंड अचानक से गांवों में आकर लोगों को अपना निशाना बनाती है। लंगूरों ने ज्यादातर लोगों के पैरों को निशाना बनाया है और बुरी तरह जख्मी कर दिया है। कई जख्मी लोगों का उपचार फतेहपुर सीएचसी में जारी है जबकि कुछ लोग घर पर ही उपचार करा रहे हैं।

लंगूर के आतंक की सूचना पर वन विभाग की टीम ने यहां पहुंचकर एक लंगूर को पकडा है। लेकिन ग्रामीणों ने वन विभाग पर ढिलाई का इल्जाम लगाया है। ग्रामीणों कि माने तो वन विभाग की टीम यहां अभी तक 1-2 दिन ही आई है और सिर्फ़ दो-चार घंटे रहकर चले जाते है। लंगूर को पकड़ने के लिए कोई ठोस कोशिश नहीं हो रहा है। बता दें कि जिले के इस क्षेत्र में पिछले 3 महीने से लंगूर का आतंक देखने को मिल रहा है। लंगूर के निशाने पर श्रीरामपुर गांव के प्रकाश मिस्त्री जिनकी मृत्यु हो चुकी है, करम यादव, बाढ़ो यादव, ललिता देवी, मुकेश यादव, पूनम कुमारी, राजेश कुमार और इनके डेढ़ वर्ष के बच्चे को भी निशाना बनाया है।
लोगों के पैरों को बना रहा निशाना
ग्रामीणों ने लोकल 18 से कहा कि पिछले 3-4 वर्ष से गांव में लंगूर रह रहे थे लेकिन कभी किसी को हानि नही पहुंचाया। बीते दो-तीन महीने से दर्जनों लोगो को जख्मी कर चुका है। इससे हम गांव वाले काफी डरे सहमे हैं। अकेले आने-जाने वाले लोगों को लंगूर निशाना बना रहे हैं। अचानक से लंगूर आता है और पैरों को नोचकर पेड़ पर चढ़ जाता है। लंगूर के निशाने पर आई एक स्त्री ललिता देवी बताती है कि वह जब घर के बाहर खड़ी थी तभी लंगूर आया और पैर काटकर भाग गया। इसी तरह लंगूर के निशाने पर आई अन्य महिलाओ ने भी अपनी आपबीती सुनाई।
लगातार कैंप करे वन विभाग की टीम
ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग की टीम यहां लगातार कैंप करे और ग्रामीणों को लंगूर के आतंक से मुक्ति दिलाए। हमलोग पिछले कई महीने से परेशान है। जिसे भी लंगूर ने काटा है उसका पैर फूल गया है। उसका जहर तेजी से शरीर में फैल रहा है और इससे शरीर का मांस गलने लगता है। लंगूर के काटने से ही गांव के एक आदमी की मृत्यु भी हो गई है। उपचार के लिए हमलोगों को फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है।

