मौसम विभाग ने बिहार के 24 जिलों में यलो अलर्ट किया जारी
Aaj Bihar ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) बिहार के मौसम का रुख पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 24 जिलों में यलो अलर्ट जारी कर दिया है और 2 से 7 अक्टूबर तक भारी से अति भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है। यह बारिश न केवल उमस से राहत दिलाएगी बल्कि लोगों के लिए चुनौतियां भी खड़ी कर सकती है।

बदलते मौसम का असर
सितंबर के अंतिम दिन तेज धूप और पसीना बहाने वाली गर्मी ने बिहारवासियों को बेहाल कर दिया। पटना समेत कई जिलों में तापमान 38 से 40 डिग्री तक जा पहुंचा था। अक्टूबर की आरंभ के साथ ही मौसम का रंग बदल चुका है। सीमांचल के जिलों में आज से बारिश का सिलसिला प्रारम्भ हो गया है और अगले कुछ दिनों में यह पूरे बिहार को अपनी गिरफ्त में ले लेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र ने साफ किया है कि उत्तर और पूर्वी बिहार के ज्यादातर जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ 50 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बिजली गिरने और वज्रपात की आसार को देखते हुए विभाग ने लोगों को सावधान रहने की राय दी है। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले खेतों में काम से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
पटना का हाल
राजधानी पटना में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और मामूली से मध्यम बारिश की आसार है। अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। उमस से परेशान लोगों के लिए यह राहत भरी समाचार है, हालांकि मूसलाधार बारिश से शहर की सड़कों पर जलजमाव की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का बोलना है कि 30 सितंबर को उत्तर अंडमान सागर के ऊपर एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण बना। इसके असर से 1 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर क्षेत्र मजबूत हुआ। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर की ओर बढ़ रहा है और 3 अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों से टकराने की आसार है। इसका सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ेगा।
कब-कहाँ कितनी बारिश?
2 से 7 अक्टूबर तक प्रदेश में लगातार बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने खासतौर पर सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल जैसे जिलों में मामूली बारिश के आसार हैं। बाकी जिलों में मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है।
इस बारिश से जहां खेतों को पानी मिलेगा और खरीफ की फसलों को लाभ हो सकता है, वहीं मूसलाधार बारिश से बाढ़ की संभावना भी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों का चुनाव करने पर बल दिया गया है।

