बिहार

बिहार में मुस्लिम नेताओं ने इन मुद्दों पर छेड़ी बहस

बिहार के मुसलमान बाहुल्य जिला किशनगंज में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की आम सभा हुई वक्फ संशोधन बिल के विरुद्ध ये सभा शहर के लहरा चौक स्थित मैदान में आयोजित की गयी थी जिसमें जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महमूद सैयद असद मदनी भी शामिल हुए उनके अलावे कई राज्यों से आए शख़्सियतों ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की इस दौरान भारी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मौलाना मदनी ने गवर्नमेंट की नीयत पर प्रश्न खड़े किए और मुसलमानों को सब्र रखकर निर्णय लेने की अपील की

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मौलाना मदनी ने क्या बोला

किशनगंज में रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मौलाना मदनी ने बोला कि आज प्लेस ऑफ वर्कशिप एक्ट को नजरअंदाज करके निर्णय सुनाए जा रहे हैं उन्होंने मुसलमानों को सोचकर निर्णय लेने की अपील की बुराई को भलाई के साथ दूर करने की राय दी उन्होंने बोला कि समय बदला है यह हमेसा एक जैसा नहीं रहता है उन्होंने मुसलमानों को सब्र और हौसला रखने कहा

वहीं इस सभा को संबोधित करते हुए जमीयत उलमा ए हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बोला कि आज की वर्तमान गवर्नमेंट राष्ट्र के एक बड़े तबके को परेशान करने की प्रयास कर रही है हम गवर्नमेंट से मांग करते हैं कि वक्फ संशोधन का बिल वापस लिया गया मौलाना कासमी ने बोला कि जमीयत के जिम्मेदारों ने देश को आबाद करने के लिए और इस देश को हरा-भरा रखने के लिए बहुत बड़ी कुर्बानियां दी है हर मोड़ पर राष्ट्र के लिए उन्होंने बलिदान दिया है असम के लाखों लोगों को उनका अधिकार दिलाया गया वहीं मौलाना ने बुलडोजर मुद्दे का जोरदार विरोध भी किया

नेपाल के मंत्री ने भी हिंदुस्तान गवर्नमेंट पर साधा निशाना

इस बैठक में नेपाल के मंत्री और जमीयत उलेमा नेपाल के अध्यक्ष मुफ्ती खालिद सिद्दीकी भी शामिल हुए थे अपने संबोधन के जरिए मुफ्ती खालिद ने हिंदुस्तान की गवर्नमेंट पर निशाना साधा और वक्फ संशोधन विधेयक को गैरकानूनी बताया मुफ्ती ने बोला कि यह अलोकतांत्रिक और शरियत के विरुद्ध है जिसपर गवर्नमेंट को समय रहते रोक लगा देनी चाहिए

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