नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉ. जमाल हसन ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के नेशनल कोऑर्डिनेटर डाक्टर जमाल हसन ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर केंद्र गवर्नमेंट पर निशाना साधा. उन्होंने बोला कि यह बिल संसद में पेश होते ही उसी रात वोटिंग करवा दी गई. इसे गवर्नमेंट की सोची-समझी रणनीति बताया.
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डॉ। हसन ने बोला कि गवर्नमेंट ने यह बिल ऐसे समय में लाया जब अमेरिका ने हिंदुस्तान पर 26% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी. यह बड़ा आर्थिक मामला था, जिस पर मीडिया में चर्चा होनी चाहिए थी. लेकिन गवर्नमेंट ने जनता का ध्यान भटकाने के लिए वक्फ संशोधन बिल को आगे कर दिया.
मौजूदा गवर्नमेंट अल्पसंख्यक अधिकारों को कमजोर कर रही: चिकित्सक हसन
उन्होंने बोला कि यह बिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर धावा है. गवर्नमेंट अल्पसंख्यक संपत्तियों पर नियंत्रण चाहती है. डाक्टर हसन ने इल्जाम लगाया कि मौजूदा गवर्नमेंट कानूनी संस्थाओं और अल्पसंख्यक अधिकारों को कमजोर करने की प्रयास कर रही है.
उन्होंने बोला कि वक्फ संपत्तियां धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होती हैं. इनका सियासी या आर्थिक इस्तेमाल अस्वीकार्य है. डाक्टर हसन ने गवर्नमेंट से इस बिल को वापस लेने की मांग की. उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती रहेगी.
अल्पसंख्यक समुदाय से सतर्क रहने की अपील
डॉ। हसन ने अल्पसंख्यक समुदाय से अपील की कि वे इस मामले पर सतर्क रहें. अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों. उन्होंने वक्फ संशोधन बिल के विरुद्ध खड़े रहने वाले विपक्ष के 232 सांसदों का आभार जताया. बोला कि ये सांसद देर रात तक डटे रहे और लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की.
उन्होंने इसे विपक्ष की एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया. बोला कि कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. अल्पसंख्यकों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.

