नौशाद ने मंच से दिए गए विवादित भाषण और नारेबाजी पर मांगी माफी
दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी टिकट की तैयारी कर रहे मोहम्मद नौशाद के कार्यक्रम में पीएम को गाली दी गई. वीडियो में दिख रहा है कि मंच से कार्यकर्ता माइक छीनकर नारेबाजी कर रहे थे और बीच-बीच में पीएम को लेकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किय
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नौशाद ने मंच से दिए गए इस विवादित भाषण और नारेबाजी पर खेद जताते हुए माफी मांगी है. नौशाद करीब 20 वर्षों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं और दिल्ली में भी यूथ कांग्रेस पार्टी के लिए काम कर चुके हैं.
बता दें कि बुधवार को राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा दरभंगा के जीवछ घाट से प्रारम्भ होकर बिठौली होते हुए मुजफ्फरपुर सीमा तक पहुंची. इस दौरान रास्ते में जगह-जगह स्वागत किया गया. राहुल गांधी की गाड़ी में उनके साथ प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, दीपांकर भट्टाचार्य थे, जबकि पीछे की गाड़ी में पप्पू यादव सहित कई नेता शामिल थे.
मिथिला समेत पूरे बिहार में यात्रा सुपर फ्लॉप
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने इस घटना पर तीखा धावा बोलते हुए बोला कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा मिथिला समेत पूरे बिहार में सुपर फ्लॉप रही. उन्होंने इल्जाम लगाया कि “तमिलनाडु के सीएम से बिहारियों का अपमान कराने के बाद अब कांग्रेस पार्टी और महागठबंधन कार्यकर्ताओं से पीएम को गाली दिलवाने का काम कर रहे हैं. यह राष्ट्र की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी.”
ठाकुर ने प्रशासन से तुरंत उचित कार्रवाई की मांग की और राहुल गांधी-तेजस्वी यादव से माफी की अपील की.
बिहार गवर्नमेंट के मंत्री संजय सरावगी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए बोला कि “राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की सोच ही अराजक है. मंच से जिस प्रकार की गंदी भाषा का इस्तेमाल नौशाद ने किया है, वह राष्ट्र को कमजोर करने वाली मानसिकता को दर्शाता है. पीएम के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने वालों पर देशद्रोह का केस चलना चाहिए.”
अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना शर्मनाक
इस मामले पर बिहार के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने बोला कि “लोकतंत्र में संसद और विधानसभा कानून बनाने की स्थान है और न्यायालय उसकी व्याख्या करती है. लेकिन पूरे राष्ट्र की जनता की ओर से चुने गए पीएम के लिए इस तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना शर्मनाक है. जनता स्वयं तय करेगी कि वह इस स्तरहीन राजनीति को स्वीकार करती है या नहीं.”
बिठौली के मंच से वायरल हुआ वीडियो अब सियासी बवाल का कारण बन गया है. सत्ता पक्ष इसे पीएम का अपमान करार दे रहा है. इस मुद्दे में प्रशासन भी हरकत में आ गया है और जांच की बात कही जा रही है.

