बिहार

ऑफिस जाने के दौरान की गई थी नीलेश मुखिया की हत्या

पटना के पाटलिपुत्रा थाना क्षेत्र के कुर्जी के पास 31 जुलाई 2023 को नीलेश मुखिया की ऑफिस जाने के दौरान मर्डर हुई थी. इस मुद्दे पर उनकी पत्नी और वार्ड 22 बी की वार्ड पार्षद सुचित्रा सिंह ने पुलिस पर मुकदमा में ढिलाई बरतने का इल्जाम लगाया है.

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उन्होंने कहा कि ‘दिनदहाड़े एक लोकप्रिय नेता की मर्डर सरेराह कर दी गई. धोखे में रख कर मेरे पति की मर्डर की गई. आरोपी कई दिन से मेरे पति को मारने का प्लान बना रहे थे. मर्डर के बाद भी प्रशासन इस मुद्दे में ध्यान नहीं दे रही है. मुख्य आरोपी बाहर रह कर इस मुद्दे की जांच को प्रभावित कर रहे हैं. अभी तक मुख्य आरोपी बाहर है. ये प्रशासन की बहुत बड़ी गलती है. ऐसा लग रहा है कि हमे पुलिस प्रशासन या न्यायालय कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा है. एक लोकप्रिय नेता को न्याय नहीं मिल रहा है तो आम आदमी तो इन्साफ की आशा ही नहीं कर सकता है.

भगवान पर है भरोसा

सुचित्रा सिंह ने यह भी बोला कि ‘इस मर्डर में कौन-कौन शामिल हैं, यह सभी को पता है. आरोपी मोटा पैसा देकर कर इस मुद्दे में अभी तक बच रहें हैं. हम लोगों को ठीक जानकारी भी नहीं मिल रही है. जो भी आरोपी हैं, उनको बेल मिल रहा है. मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया गया है. पुलिस ने केवल शूटरों और लाइनरों को पकड़ा है. लेकिन, साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं. पुलिस प्रशासन या न्यायालय से धीरे-धीरे मेरा भरोसा उठता जा रहा है. लेकिन, भगवान पर अभी भी मुझे भरोसा है.

दिल्ली एम्स में हुई थी मौत

नीलेश मुखिया को अपराधियों ने उनकी कार को घेर कर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. इससे नीलेश मुखिया गंभीर रूप से घायल हो गए थे. बेहतर उपचार के लिए उनको दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई थी. इस मुद्दे में मुख्य आरोपियों के साथ करीब 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था.

पुलिस ने 2 महीने में 12 लोगों को अरैस्ट किया था. कुछ को पुलिस ने पकड़ा. जबकि, कुछ ने स्वयं सरेंडर किया. कुछ आरोपी अभी तक फरार हैं. मुख्य नामजद आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं सकी है. इस बीच न्यायालय में मुद्दा चलता रहा. न्यायालय ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. कई आरोपियों को बेल दिया गया है.

पुलिस को जांच में खुलासा हुआ कि नीलेश जमीन का काम करते थे. जमीन टकराव में ही 25 लाख की सुपारी दे कर मर्डर की षड्यंत्र रची गई थी. पप्पू, धप्पू, गोरख ने अजय को इस काम के लिए चुना था. अजय ने शूटर इमरान लल्लू को 5.50 लाख देकर इस घटना को अंजाम दिलाया था. अजय राय और निलेश साथ में ही जमीन का कारोबार करते थे. अटल पथ पर 7 कट्‌ठा जमीन को लेकर दोनों के बीच अनबन हुई थी. यह अनबन बढ़ती चली गई. इसके बाद नीलेश की मर्डर कर दी गई.

पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा ने क्या बोला था

पुलिस की विशेष टीम ने इस मुद्दे में दीघा बालू पर के अजय राय उर्फ विशाल कुमार, उसके चाचा उदय कुमार और दीघा के गली नंबर 90 के संतोष कुमार को अरैस्ट किया था. इन लोगों के पास से पुलिस ने एक देसी पिस्टल, एक मैगजीन, चार राउंड जिंदा कारतूस, एक क्रेटा कार (इसी कार से की गई रेकी) और 36 हजार नगद बरामद की है. जांच में यह बात आई थी कि अजय राय नीलेश मुखिया का दोस्त हुआ करता था. दोनों साथ में जमीन का धंधा करते थे. लेकिन कुछ महीनों से दोनों के बीच जमीन को लेकर अनबन हो गई थी.

इसके बाद अजय राय, उदय और संतोष ने पप्पू, धप्पू और गोरख से नजदीकी बना ली. इसके बाद दोनों गुट ने मिलकर नीलेश की मर्डर की षड्यंत्र रची थी. इसके लिए पप्पू राय ने अजय को शूटरों को देने के लिए 25 लाख रुपए दिए. अजय ने अपने दोस्तों की सहायता से पटना सिटी के इमरान उर्फ लल्लु से संपर्क किया और उसे 5.50 लाख की सुपारी देकर नीलेश की मर्डर करवा दी. बाकी रुपया अजय राय, उदय राय और संतोष ने आपस में बांट लिए.

नीलेश मुखिया की पत्नी ने क्या कहा

वार्ड 22 बी की वार्ड पार्षद और नीलेश मुखिया की पत्नी सुचित्रा सिंह ने कहा कि दिनदहाड़े एक लोकप्रिय नेता की मर्डर सरेराह कर दी गई. धोखे में रख कर मेरे पति की मर्डर की गई. आरोपी कई दिन से मेरे पति को मारने का प्लान बना रहे थे. मर्डर के बाद भी प्रशासन इस मुद्दे में ध्यान नहीं दे रही है. मुख्य आरोपी बाहर रह कर इस मुद्दे की जांच को प्रभावित कर रहे हैं. अभी तक मुख्य आरोपी बाहर है. ये प्रशासन की बहुत बड़ी गलती है. ऐसा लग रहा है कि हमे पुलिस प्रशासन या न्यायालय कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा है. एक लोकप्रिय नेता को न्याय नहीं मिल रहा है तो आम आदमी तो इन्साफ की आशा ही नहीं कर सकता है.

सभी लोग जान रहे हैं कि इस मर्डर में कौन-कौन शामिल हैं. आरोपी मोटा पैसा देकर कर इस मुद्दे में अभी तक बच रहें हैं. हम लोगों को ठीक जानकारी भी नहीं मिल रही है. जो भी आरोपी हैं, उनको बेल मिल रहा है. मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया गया है. पुलिस ने केवल शूटरों और लाइनरों को पकड़ रही है. लेकिन, साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं. पुलिस प्रशासन या न्यायालय से धीरे-धीरे मेरा भरोसा उठता जा रहा है. लेकिन, भगवान पर अभी भी मुझे भरोसा है.

किस आरोपी की क्या है स्थिति, क्या है आरोप

किसकी गिरफ्तारी पर है रोक

1. धप्पू राय- मुख्य साजिशकर्ता, इसी ने सुपारी का पैसा दिया था.

2. पप्पू राय- मुख्य साजिशकर्ता

कौन-कौन हुए गिरफ्तार

1. क्योष खान- यह इमरान का भाई है. यह शूटर के रूप में गोली चला रहा था.

2. मो राजा- गोली चला रहा था.

3. इमरान- इसी ने सुपारी ली थी. सभी शूटरों का व्यवस्था किया था. साथ ही घटना के दिन बाइक चला रहा था.

4. एजाजुद्दीन- अजय का साथी षड्यंत्र में शामिल, गोली चलाने में था शामिल..

किसको-किसको मिली बेल

1. गोरख राय- षड्यंत्र में शामिल

2. अजय राय उर्फ विशाल – मुख्य साजिशकर्ता, फिलहाल बलात्कार के मुद्दे में कारावास में बंद

3. संतोष- षड्यंत्र में शामिल

4. उदय राय- अजय राय का चाचा. षड्यंत्र में शामिल

5. विकास- षड्यंत्र में शामिल

6. शहनवाज- घटना के समय बाइक चला रहा था.

7. गुड्डू – अजय का ड्राइवर, रेकी करने का है आरोप

कौन-कौन है इस मुद्दे में फरार

1. अरबाज- इमरान का आदमी है. नीलेश की रेकी करने में था शामिल.

2. अजहर जिलानी- इमरान का आदमी, रेकी कर रहा था

3. भूषण- अजय का साथी. षड्यंत्र में शामिल, रेकी में इसकी कार का हुआ था इस्तेमाल

4. रिंकू उर्फ नसरुद्दीन- अजय का राइट हैंड. षड्यंत्र में था शामिल.

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