नीतीश जी का बड़प्पन है बड़ों का सम्मान करना और पैर छूना : राजू प्रसाद
मुजफ्फरपुर। बिहार के सीएम नीतीश कुमार एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, जब 12 नवंबर को पीएम मोदी दरभंगा एम्स का उद्घाटन करने पहुंचे थे तो वहां बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने मंच पर उनके पैर छुए। इसके पहले नीतीश कुमार ने पटना में भाजपा नेता आरके सिन्हा के पैर छूकर सबको चौंका दिया था। चित्रगुप्त पूजा के दिन आरके सिन्हा ने चित्रगुप्त मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बुलाया था। जब आरके सिन्हा मंदिर के जीर्णोद्धार के मुद्दे में नीतीश कुमार के काम की प्रशंसा कर रहे थे, तभी नीतीश कुमार उनके पास पहुंचे और पैर छू लिये थे। काफी दिनों तक नीतीश कुमार की यह बात चर्चा में रही थी। इस मुद्दे पर लोगों की राय जानने के लिए लोकल 18 की टीम लोगों के पास पहुंची।
मुजफ्फरपुर के संजय रजक ने लोकल 18 को कहा कि नीतीश कुमार जी मोदी जी का पैर छू रहे हैं। यह एक संस्कार की बात है। यह काफी खुशी की बात है लेकिन दुख ही बात यह है दोनों की उम्र सेम ही है यदि राजनीति की बात करें तो भले पीएम आज उस पद पर है लेकिन इनसे पहले राजनीति में बड़े नीतीश कुमार हैं। कई बार सीएम बन चुके हैं। संजय का बोलना है कि यदि नीतीश कुमार बिहार के विकास के लिए पीएम के पैर छू रहे है तो यह गलत बात है। पद की इज्जत के लिहाज से कर रहे हैं तो ठीक है।
सुमित कुमार ने कहा कि हमें लगता है कि पैर छुए होंगे कि इतने वर्षों से जो विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला है वह कहीं मिल जाए उसी लोभ में होंगे कहीं पैर छूने से मिल जाए उनका यही आदत है। अभी तक तो मिला नहीं विशेष राज्य का दर्जा कही इस बार पैर छूने से कुछ काम हो जाए।
संजीव कुमार ने लोकल 18 को कहा कि हमें लगता है कि पैर छुए हैं तो कुछ न कुछ लोभ होगा बिहार के प्रति बिना लोभ का वो पैर नहीं छूते हैं और पहले ऐसा नहीं देखते थे लेकिन जबसे भाजपा में आए हैं तबसे ऐसा देखने को मिल रहा है यह तीसरी बार था। राजू प्रसाद ने कहा कि यह नीतीश जी का बड़प्पन है। बड़ों का सम्मान करना पैर छूना कोई गलत बात नहीं है बढ़िया बात है ये विपक्षी लोग इसको फालतू का मामला बना रहे हैं। हमने भी कुछ दिन पहले देखा कि एक ओर कोई भगवा धारी थे उनका भी पैर छू रहे थे नीतीश जी के लिए ये कोई खराब बात नहीं है। वह बड़ों का सम्मान और इज्जत करते हैं। अशोक कुमार ने कहा कि सम्मान देने के लिए लोग बच्चों को भी प्रणाम करते हैं बुजुर्ग को भी करते वो हाथ जोड़ कर भी प्रणाम कर सकते थे लेकिन उनको लगा कि पैर छू कर करना चाहिए तो उन्होंने किया लेकिन हां देखा जाए तो कहीं चापलूसी भी हो सकता है या सम्मान भी हो सकता है। वैसे ये कोई बड़ा मामला नहीं है।
सुधीर कुमार यादव ने आगे लोकल 18 को कहा कि पैर छूने की जो बात हो रही है और विपक्षी इसको बड़ा मामला बना रहे तो देखा जा सकता है कि 12000 करोड़ का जो शिलान्यास और जो एम्स दरभंगा में बन रहा है। इसको लेकर कर रहे है तो ये चीज अलग है लेकिन यदि सार्वजनिक रूप से इसको कर रहे है तो यह बिहार को कलंकित करता है।

