पप्पू यादव ने चुनाव आयोग की इस चूक को बनाया मुद्दा, कहा- कौन भेजेगा नोटिस…
बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को ईपीआईसी मुद्दे में चुनाव आयोग की ओर से मिले नोटिस को लेकर कई प्रश्न उठाए हैं. तेजस्वी का पक्ष लेते हुए बोला कि उन्होंने जानबूझकर गलत नहीं किया होगा.

गुरुवार को आईएएनएस से वार्ता के दौरान सांसद पप्पू यादव ने इल्जाम लगाया कि आयोग चुनिंदा रूप से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाता है. उन्होंने बोला कि आयोग ने वोटर लिस्ट में उन्हें मृत घोषित कहा है जो वर्तमान में जिंदा हैं. चुनाव आयोग को कौन नोटिस देगा?
तेजस्वी यादव ने जानबूझकर गलत नहीं कहा होगा, क्योंकि वो बिहार का भला चाहते हैं. पप्पू यादव ने मतदाता सूची में अनियमितताओं का मामला उठाया, जिसमें 22 लाख मृत, 35 लाख मिसिंग, और 8 लाख डुप्लिकेट वोटर कार्ड का दावा किया, साथ ही प्रश्न किया कि जिंदा वोटर को मृत दिखाने के लिए आयोग को कौन नोटिस देगा.
उन्होंने आयोग से बिहार के इस मुद्दे पर इस्तीफे की मांग भी की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हिंदुस्तान पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने और अतिरिक्त शुल्क की धमकी देने पर पप्पू यादव ने इसे हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था और 140 करोड़ जनता के साथ खिलवाड़ बताया. ट्रंप पर उन्होंने हिंदुस्तान की संस्कृति पर धावा करने का इल्जाम लगाया, खासकर सनातन धर्म का अपमान करने का दावा भी किया.
पप्पू यादव का मानना है कि केंद्र गवर्नमेंट ने अमेरिकी दूतावास को इस मामले पर उत्तर देने के लिए नहीं बुलाया. उन्होंने बोला कि ट्रंप की ओर से जिस तरह से टैरिफ लगाया गया ह यह हिंदुस्तान की संस्कृति और अर्थव्यवस्था पर धावा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पप्पू यादव ने पीएम मोदी के संभावित चीन दौरे पर बोला कि चीन को हिंदुस्तान का शत्रु है. 1962 से लेकर अब तक चीन कभी हिंदुस्तान का दोस्त नहीं हो सकता. पप्पू यादव ने दावा किया कि चीन सुपरपावर बनने की चाहत में हिंदुस्तान को दांतों के बीच दबाकर रखना चाहता है. उन्होंने पाक की तुलना कुत्ता-बिल्ली से की और बोला कि चीन हिंदुस्तान को कमजोर करना चाहता है.

