एक हफ्ते में लगातार 4 मर्डर, हाथ पर हाथ रखकर बैठा है पुलिस प्रसाशन
बिहार के मुजफ्फरपुर की पुलिस आखिर कहां सो रही है? आखिर क्यों मुजफ्फरपुर की पुलिस का इकबाल समाप्त होता जा रहा है? क्या जिले में क्रिमिनल बेखौफ हो गए हैं? ऐसे प्रश्न इन दिनों मुजफ्फरपुर के लोगों के मन में बार-बार आ रहे हैं, क्योंकि मुजफ्फरपुर जिले में इन दिनों अपराध का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है। पिछले एक हफ्ते की बात करें तो मुजफ्फरपुर में चार बड़े हत्याकांड की घटनाएं हुई हैं, जिसमें अपराधियों ने शहर के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर, व्यवसायी और समाजसेवी को गोलियों से भून दिया है।

ताजा मुद्दे में मुजफ्फरपुर में गुरुवार देर रात, सदर थाना क्षेत्र के पताही में टैक्स अध्यक्ष के बेटे और समाजसेवी संजय चौधरी की गोली मार कर मर्डर कर दी गई. उनके साथ एक अन्य व्यवसायी गुड्डू सिंह को भी गोली मारी गई। इसके ठीक तीन दिन पहले मिथुन पूरा थाना क्षेत्र के जिला विद्यालय के निकट चर्चित प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद जावेद और राजू साह की भी ताबड़तोड़ गोली मारकर मर्डर कर दी गई थी। वहीं इससे पहले एक सप्ताह के अंदर ही क्षेत्र में एक व्यवसायी विष पोद्दार की भी दिनदहाड़े गोली मारकर मर्डर कर दी गई थी।
चोरी और लूट-पाट की घटनाओं से परेशान शहर के लोग
यही नहीं मुजफ्फरपुर में हत्या के अतिरिक्त लूट-पाट और चोरी की घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। कहीं सीएसपी संचालक से पैसे छिन लिए जा रहे हैं तो कहीं ज्वेलरी दुकान में चोरी हो जा रही है। वहीं जमीन टकराव को लेकर खूनी संघर्ष के भी कई मुद्दे सामने आ रहे हैं। जिले भर में लगातार हत्याओं का दौर जारी है और लूट-पाट जैसी घटनाएं भी आम हो चुकी हैं। अब ऐसे में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पुलिस पर आम जनता का भरोसा जीतने की बात कही है, लेकिन मुजफ्फरपुर में पुलिस के इकबाल पर बड़ा प्रश्न उठने लगा है।

