मंजू सिन्हा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
पटना के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के काजीबीगाह निवासी राजेश रंजन की बेटी मंजू सिन्हा (25) मृत्यु का मुद्दा अब सुलझ नहीं पाया है। पुलिस इस ट्रेन दुर्घटना बता रही है तो वहीं परिजनों का बोलना है कि मंजू की मर्डर कर मृतशरीर को ट्रैक पर फेंके जाने की बात कह रहे हैं।

हालांकि, इस मुद्दे में शाहजहांपुर थाना क्षेत्र में गुमशुदकी का मुद्दा दर्ज कराया गया है। वहीं मृतशरीर हिलसा थाना क्षेत्र के लोहंडा स्थित रेलवे ट्रैक से बरामद हुई। अब दो-दो पुलिस स्टेशन की पुलिस मंजू सिंह हत्याकांड को सुलझाने में जुटी है। लेकिन अब तक तीन-चार दिन बीत जाने के बाद भी मर्डर का राज साफ नहीं हो सका है। मंजू सिन्हा के पिता यह दावा कर रहे हैं कि हमारी बच्ची का फतुहा जाने के क्रम में किसी ने किडनैप कर लिया और बलात्कार की भी आसार जता रहे हैं।
हिलसा पुलिस इस मुद्दे में यह बता रही है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाता तब तक यह नहीं बोला जा सकता कि उसके साथ बलात्कार हुआ है या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी साफ हो जाएगा कि यह मुद्दा दुर्घटना है या हत्या। हिलसा पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का प्रतीक्षा कर रही है। शाहजहांपुर थानाध्यक्ष अरूण कुमार ने कहा कि अभी इस मुद्दे में जांच जारी है। पुलिस मृतका के मोबाइल का पता लगाने तथा उसके नंबर का सीडीआर निकालने में जुटी है। ताकि साफ हो सके फतुहा जाने के क्रम में मृतिका लोहंडा कैसे पहुंची तथा उसका मोबाइल कहां है। अब दोनों स्थान की पुलिस इस हत्याकांड को प्रेम प्रसंग से भी जोड़कर देख रही है।
क्या है पूरा मामला
मृतिका बीते 31 अगस्त को अपने घर से गायब हुई। 1 सितंबर को उसके पिता ने गुमशुदगी का मुद्दा शाहजहांपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया। 2 सितंबर को उसकी मृत-शरीर मिली और 4 सितंबर को उसकी पहचान हुई। प्रश्न यह है कि जब वह 31 तारीख को घर से लापता हुई तो 2 दिन वह कहां थी। पुलिस इस बात की भी जानकारी जुटाने में लगी।

