वक्फ बोर्ड संशोधन कानून के खिलाफ बेगूसराय में जल रही है आग, भारी संख्या में इकट्ठा हुई पुलिस
ऑल इण्डिया मुसलमान पर्सनल लॉ बोर्ड और इमारत ए सरिया के आह्वान पर वक्फ बोर्ड संशोधन कानून के विरुद्ध बेगूसराय में जुलूस निकाला गया. इसमें मुसलमान समुदाय के लोगों का लोगों कि भीड़ उमड़ पड़ा. जुलूस को लेकर सुबह 10 बजे से ही जिले के तमाम हिस्से से मुसलमान समाज क

हाथों में तिरंगा और वक्फ कानून से जुड़ी तख्ती के साथ करीब 10 हजार लोग हर-हर महादेव चौक पर जमा हुए. जिसमें विभिन्न मुसलमान संगठन के लोगों के अतिरिक्त राजद, कांग्रेस, AISF और AIYF सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए.
हर-हर महादेव चौक पर सभा के बाद जुलूस पटेल चौक, कर्पूरी स्थान, नगर निगम, नवाब चौक, कैंटीन चौक न्यायालय चौक होते हुए ट्रैफिक चौक पर पहुंचकर समाप्त हुआ. इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करते हुए एसडीओ और डीएसपी सहित भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया.
आयोजक मुसलमान संगठन की ओर से भी 200 से अधिक वॉलंटियर को जगह-जगह रखा गया था. जिससे कि जुलूस में कोई अव्यवस्था नहीं हो और राहगीरों को कठिनाई नहीं हो. इस दौरान पीएम मोदी और केंद्र गवर्नमेंट के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई.
बोर्ड में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग
हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाक मुर्दाबाद और पहलगाम के आतंकवादियों को फांसी दो जैसे नारे भी लगातार गूंजते रहे. जुलूस के कैंटीन चौक पहुंचने पर 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंप कर वक्फ बोर्ड में किए गए संशोधन वापस लेने की मांग की.
ऑल इण्डिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और इमारत ए सरिया के एडवाइजरी ट्रस्टी अनवर अहमद रहमानी ने बोला कि केंद्र गवर्नमेंट की ओर से वक्फ संशोधन कानून के विरोध में आज विरोध रैली प्रदर्शन का आयोजन किया गया है.
ऑल इण्डिया पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर इमारत ए सरिया बिहार, झारखंड, उड़ीसा और बंगाल के नेतृत्व में चार राज्यों में जिला स्तर पर 5 मई तक प्रदर्शन किया जा रहा है.
जिसके अनुसार आज बेगूसराय में प्रदर्शन किया गया है. हर-हर महादेव चौक पर विरोध सभा के बाद जुलूस विभिन्न सड़कों से होते हुए ट्रैफिक चौक पर पहुंचकर खत्म हुआ. 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा है. यह वक्फ संशोधन एक्ट 2025 जो बना है, वह संविधान विरोधी है, जम्हूरियत के विरुद्ध है.
कानून के माध्यम से प्रबंध में हस्तक्षेप
संविधान की धारा- 14, 15, 25, 26, 29, 30, 50 और 301 सहित उच्चतम न्यायालय के निर्णय के भी विरुद्ध है. इसलिए हम लोगों की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है. एक विशेष समुदाय के प्रबंध में गवर्नमेंट की ओर से इस कानून के माध्यम से हस्तक्षेप किया जा रहा है. हमारे मस्जिद, मदरसा, दरगाह, कब्रिस्तान, ईदगाह और बहुत सारी एजुकेशन इंस्टीट्यूट और हॉस्पिटल बने हुए हैं.
सभी धर्म और जाति के लोग लाभान्वित हो रहे हैं. जो एक्ट लाया गया, उसका नोटिफिकेशन जारी हो गया है. यह कानून केंद्र गवर्नमेंट रद्द करे, इसीलिए आम आवाम शांतिपूर्वक सड़क पर निकल गई है, हम प्रदर्शन कर रहे हैं. नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान के पीएम हैं, वह सबके पीएम हैं. उनका नारा है सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास. यह बहुत ही अच्छा जुमला है, यह होना ही चाहिए.
वह हमारे भी पीएम हैं, इसलिए उनसे विशेष रूप से हम लोग मांग करते हैं कि इस काले कानून को रद्द किया जाए, जो संविधान विरोधी है. एक खास समुदाय के खिलाफ है, हमारे पीएम तुरंत रद्द करें.
जुलूस में साहेबपुर कमाल के विधायक सदानंद सम्बुद्ध उर्फ ललन यादव, CPI के जिला मंत्री और पूर्व विधायक अवधेश राय, AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा, AIYF राज्य अध्यक्ष शंभू देवा, RJD जिलाध्यक्ष मोहित यादव सहित सभी मुसलमान संगठनों के प्रमुख शामिल थे.

