बिहार

रेप पीड़िता के शव को पुलिस कर चुकी थी बरामद, कुछ दिन बाद घर लौटी जिंदा

पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से एक चौंकाने वाला मुद्दा सामने आया है. जिस लड़की की गैंगरेप के बाद मर्डर हुई थी. पुलिस ने लड़की के मृतशरीर को 22 जून को बरामद भी कर लिया था. परिजनों ने आखिरी संस्कार कर दिया था. इसके बाद 26 जून को घटना के विरोध में प्रदर्शन भी किया था. अबब अचानक लड़की जिंदा हो गई. पुलिस ने लड़की को पुलिस ने तुरकौलिया थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया है. हालांकि, मनरेगा पार्क से जिस लड़की के मृतशरीर को बरामद किया था, वह मृतशरीर किसका है? इसके बारे में पुलिस ने कुछ कहा नहीं है. इधर, जिंदा लौटी लड़की ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए जो कि चौंकाने वाले हैं. 

Gangrape

WhatsApp Group Join Now

पिता ने रॉन्ग नंबर बताकर टेलीफोन काट दिया

मुफ्फसिल थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि लड़की ने अपने बयान में बोला कि 16 जून की रात को वह अपने प्रेमी नौशाद राजा से मिलने के लिए घर से निकली थी. इसी बीच रास्ते में कुछ लोगों उसके साथ हाथापाई करने लगे. वह जान बचाकर वहां से भागी और ग्रामीण मुन्ना पासवान के घर पहुंच गई. मुन्ना की नीयत बदल गई. उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर जबरन एक गाड़ी मुझे बैठा लिया और किसी दूसरे जगह पर ले गया. इसके बाद उसने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर बारी-बारी से मेरा बलात्कार किया. इसके बाद मुझे छतौनी चौक पर छोड़ दिया. यहां मैं डर के कारण अपने घर ना जाकर अपने एक सम्बन्धी के घर तुरकौलिया जाने लगी. मेरी हालत ठीक नहीं थी. इसलिए मैं रास्ता भटक गई. भटकते-भटकते मैं संजय सहनी की पत्नी से मिली और वह मुझे अपने घर ले गई. जहां मैंने उसे सारी आपबीती बताई लेकिन अपने घर में नहीं बताने की प्रार्थना भी की. इस बीच कुछ दिन बीतने पर मुझे घर की याद आने लगी तब मैने अपने पिता को टेलीफोन भी किया. लेकिन, उन्होंने रॉन्ग नंबर बताकर टेलीफोन काट दिया.

आरोपी ने बलात्कार के दौरान लड़की की मृत्यु की बात कही थी

इधर, लड़की की मां के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में तीन नामजद और दो अज्ञात पर इल्जाम लगाया गया था. पुलिस ने इस मुद्दे में एकआरोपी गुड्डू साह को सीतमढ़ी जिला से अरैस्ट कर लिया था. आश्चर्य की बात यह है कि उसने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया था. पुलिस की गुड्डू साह ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर लड़की का बलात्कार किया जिस दौरान उसकी मृत्यु हो गई. तब हम सब ने मिलकर उसके ही दुपट्टा में उसके मृतशरीर को लपेटकर धनौती नदी में फेंक दिया. इसके बाद पुलिसिया दबिश के कारण एक आरोपी  रंजन पासवान ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया और नौशाद राजा को पुलिस ने अरैस्ट कर लिया था. लोगों का बोलना है कि पुलिस के थ्योरी में भी कई पेंच नजर आ रहे हैं. अगर नाबालिग लड़की जिंदा है तो पुलिस ने जिस मृतशरीर को बरामद किया वह किसका है.

Back to top button