बिहार

बांका में प्रशांत किशोर ने विशाल जनसभा को किया संबोधित

जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर शुक्रवार की शाम बांका पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बेलहर विधानसभा क्षेत्र स्थित झामा मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो ल

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प्रशांत किशोर ने कहा, ‘अब तक बिहार की जनता नेताओं के चेहरे देखकर वोट देती रही है, लेकिन समय आ गया है कि लोग अपने बच्चों का भविष्य देखकर वोट करें.

सभा की आरंभ भोजपुरी गायक छैला बिहारी के गीतों से हुई. उन्होंने भोजपुरी अंदाज में जन सुराज अभियान से जुड़े गीत गाए और युवाओं और स्त्रियों को झूमने पर विवश कर दिया. मंच से “गली-गली में शोर है, अगला मुख्यमंत्री प्रशांत किशोर है” जैसे गीत गूंजते रहे. लोग उनके साथ ठुमके लगाते और सेल्फी लेते दिखे.

नेताओं पर कहा सीधा हमला

प्रशांत किशोर ने अपने भाषण की आरंभ प्रश्न से की. उन्होंने कहा— “कभी मोदी का चेहरा देखकर वोट दिया तो चायवाला पीएम बन गया. नीतीश का चेहरा देखकर वोट दिया तो वैद्य का बेटा 20 वर्ष से कुर्सी पर बैठा है. लालू का चेहरा देखकर वोट दिया तो भैंस चराने वाला 30 वर्ष तक राजा बना रहा. लेकिन बिहार की जनता ने अपने बच्चों का चेहरा देखकर वोट नहीं किया.

उन्होंने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी पर इल्जाम लगाया कि बिहार से वोट और टैक्स लेकर गुजरात में फैक्ट्रियां लगाई जा रही हैं. नतीजा यह है कि बिहार का युवा उन्हीं फैक्ट्रियों में जाकर 10-12 हजार रुपये की मजदूरी करने को विवश है.

बुजुर्गों और बच्चों के लिए बड़े ऐलान

पीके ने बांका की जनता से कई वादे किए. उन्होंने बोला कि दिसंबर 2025 से 60 वर्ष से अधिक उम्र के हर बुजुर्ग को 2000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी.शिक्षा को लेकर उन्होंने घोषणा की कि जब तक सरकारी विद्यालय सुधर नहीं जाते, तब तक गरीब बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क पढ़ाई कराई जाएगी और उनकी फीस गवर्नमेंट देगी.

युवाओं को रोजगार का भरोसा

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि इस वर्ष की दीपावली और छठ बिहार की बदहाली की अंतिम होगी. उनके अनुसार, सत्ता में आने के बाद 50 लाख युवाओं को बिहार से बाहर मजदूरी करने की आवश्यकता नहीं होगी. उन्हें अपने ही जिले और गांव में 10-12 हजार रुपये तक का रोजगार मौजूद कराया जाएगा.

“परिवार की राजनीति करने वालों को सबक सिखाइए”

सभा के अंत में पीके ने जनता से अपील की कि वे उन नेताओं को सबक सिखाएं, जिन्होंने सालों से केवल सत्ता और परिवार की राजनीति की है. उन्होंने बोला कि इस बार वोट जाति-धर्म या नेताओं के चेहरे के लिए नहीं, बल्कि बच्चों की तरक्की और बिहार के विकास के लिए होना चाहिए.

झामा मैदान में आयोजित इस सभा में जनसैलाब उमड़ा और प्रशांत किशोर के भाषण के दौरान भीड़ लगातार तालियों और नारों से उनका हौसला बढ़ाती रही.

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