मुजफ्फरपुर में विष्णुदेव नारायण सिंह इंटर कॉलेज में प्राचार्या और पूर्व कर्मी पर लगा गंभीर आरोप
मुजफ्फरपुर के रामपुर हरि थाना क्षेत्र के नरमा स्थित विष्णुदेव नारायण सिंह इंटर कॉलेज में प्राचार्या और पूर्व कर्मी पर गंभीर इल्जाम लगा है. इल्जाम है कि प्राचार्या कुमारी दीप्ती और कॉलेज के पूर्व कर्मी कामाख्या नारायण सिंह ने मिलकर कॉलेज की ही चतुर्थ वर्ग
।
कुमारी शबनम ने कहा कि प्राचार्या कुमारी दिप्ती उस पर ₹2 लाख देने का दबाव बना रही थीं. इंकार करने पर जॉब से बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही थी. 16 सितंबर को जब वह कॉलेज पहुंची, तो प्राचार्या ने उसे अपने कक्ष में बुलाया, जहां कॉलेज के पूर्व कर्मी कामाख्या नारायण सिंह उपस्थित थे.
पीड़िता का इल्जाम है कि कामाख्या नारायण सिंह ने गलत नीयत से उसके कपड़े खींचे और विरोध करने पर पिटाई कर दी. इसके बाद प्राचार्या भी कमरे में आईं और दोनों ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटा.
सिर पर लोहे की रॉड से हमला
कुमारी शबनम का इल्जाम है कि उसके सिर पर लोहे की रॉड से धावा किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. अचेतावस्था में उसे तुरंत बोचहां पीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया. वहां उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार आया.
पुलिस ने नहीं की एफआईआर दर्ज
इलाज के बाद पीड़िता ने रामपुर हरि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का आवेदन दिया, लेकिन अब तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है. इससे आहत होकर पीड़िता ने मानवाधिकार वकील एस।के। झा से संपर्क किया.
मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग तक
वकील एस।के। झा ने इस पूरे प्रकरण को राज्य मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य स्त्री आयोग, राष्ट्रीय स्त्री आयोग, डीएम और एसएसपी तक पहुंचाया है. उन्होंने बोला कि स्त्री के सिर पर चोट के निशान साफ बताते हैं कि उसके साथ गंभीर हाथापाई हुई है. बावजूद इसके पुलिस की ओर से अब तक प्राथमिकी दर्ज न करना बहुत चिंताजनक और दुखद है.
वकील झा का बोलना है कि पीड़िता अभी भी काफी डरी और सहमी हुई है. उसके परिवार ने इन्साफ की गुहार लगाई है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.

