बिहार में वोटर लिस्ट अपडेट के लिए SIR प्रक्रिया हुई शुरू
बिहार में इसी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। चुनाव आयोग ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बोला कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार हो रही है, और इसका मकसद हर पात्र नागरिक को मताधिकार देना है। आयोग ने इसके साथ ही कहा कि इस प्रक्रिया में सभी सियासी दलों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई का इल्जाम न लगे।

निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘संविधान सर्वोच्च है और सभी नागरिकों, सियासी दलों और स्वयं आयोग को संविधान का पालन करना होता है। संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, वही भारतीय नागरिक मतदाता बनने के पात्र हैं, जो 18 साल की उम्र पूरी कर चुके हों और उस निर्वाचन क्षेत्र के सामान्य निवासी हों। इसी आधार पर SIR की प्रक्रिया चलाई जा रही है, जो सफलतापूर्वक बिहार में प्रारम्भ हो चुकी है।’
20 हजार नए BLO की होगी नियुक्ति
निर्वाचन आयोग ने कहा कि इन BLOs के अलावा, एक लाख से अधिक स्वयंसेवक भी नियुक्त किए गए हैं, जो वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब और अन्य जरूरतमंद समूहों की सहायता करेंगे ताकि कोई भी पात्र नागरिक इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए। सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों ने अब तक 1,54,977 बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) नियुक्त किए हैं और वे अधिक एजेंट्स भी तैनात कर सकते हैं।
क्या करना होगा आपको?
इस अभियान के अनुसार बीएलओ घर-घर जाकर लोगों को एक फॉर्म बांटेंगे। इसमें वोटर्स के नाम, फोटो, पता, EPIC नंबर, आधार नंबर, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, माता-पिता या अभिभावक के नाम आदि की जानकारी होगी। इसमें वोटर्स को अपना नया फोटो लगाना होगा और साथ ही जन्म से जुड़े डॉक्यूमेंट्स देंगे होंगे। फॉर्म भरने के बाद इसे बीएलओ को वापस करना होगा। इसके साथ अपनी पहचान को सत्यापित करने के लिए मांगे गए डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। आप यह काम औनलाइन भी कर सकते हैं।
7.89 करोड़ वोटर्स के लिए छपाए जा रहे फॉर्म
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि SIR से संबंधित सभी गतिविधियां तय समयसीमा के भीतर सुचारु रूप से चल रही हैं और किसी भी नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।

