Siwan शिक्षकों के पहनावे के ऊपर नजर रखेगी सरकार

इस संबंध में बिहार गवर्नमेंट के शिक्षा विभाग के प्रशासनिक निदेशक सह अपर सचिव सुबोध कुमार चौधरी ने डीईओ को पत्र भेजा है। जिसमें बोला है कि विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियों में शालीनता प्रकट करना और मर्यादित व्यवहार करना है। लेकिन, प्राय यह देखा जा रहा है कि विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में पदस्थापित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी कार्यालय संस्कृति के विरूद्ध अनौपचारिक परिधान यानि जींस-टीशर्ट आदि में आ रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक, यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम आदि माध्यमों से नृत्य, डीजे, डिस्को और अन्य निम्न स्तर की गतिविधियां विद्यालय में संचालित करते हुए देखे जा रहे हैं।
शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के विद्यालय परिसर में इस तरह का आचरण और व्यवहार शैक्षणिक माहौल को नकारात्मक ढंग से प्रभावित करते है। यह कहीं से स्वीकार योग्य नहीं है। विद्यालयों में केवल शिक्षा कैलेंडर के मुताबिक विशेष दिनों में नृत्य और संगीत आदि का अनुशासित और शालीन कार्यक्रम की मान्य है। इसका अनुपालन डीईओ सुनिश्चित कराएंगे।
बिहार गवर्नमेंट के योजना और विकास विभाग के अधिकारी भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया में प्रबंधन के गुर सीखेंगे।
बोधगया आईआईएम ऑफिसरों को तकनीकी कौशल से लैस करेगा।इसके लिए योजना और विकास और आईआईएम बोधगया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के सेंथिल कुमार और आईआईएम बोधगया की निदेशक विनीता एस सहाय ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। सभी कोटि के पदाधिकारियों का प्रशिक्षण के बाद क्षमता संवर्धन और प्रबंधन कौशल निखरेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध ढंग से पूरा होगा। भिन्न-भिन्न बैच में ऑफिसरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रिंसिपल सेक्रेटरी के। सेंथिल कुमार ने बोला कि प्रशिक्षण के बाद पदाधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में ऑफिसरों के ज्ञान और कौशल का सर्वोत्तम इस्तेमाल हो सकेगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य ऑफिसरों को आधुनिक प्रबंधन तकनीकों और कौशल से लैस करना है।
न्होंने कहा कि प्रशिक्षण से ऑफिसरों के कौशल में वृद्धि होगी, कार्य संस्कृति में सुधार के साथ ही कार्यालय प्रबंधन में भी सुधार होगा एवं राजस्व में वृद्धि होगी। आईआईएम बोधगया निदेशक डाक्टर विनीता सहाय ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रबंधन, नेतृत्व और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा। जिससे अधिकारी अपने कर्तव्यों को अधिक कारगर ढंग से पूर्ण करने में सक्षम होंगे। उन्होंने बोला राज्य की विकास की आवश्यकताओं के अनुरूप विभाग का दायरा काफी बढ़ा है। यह योगदान विभाग के ऑफिसरों के कौशल को मजबूत करने और राज्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक जरूरी कदम है। आईआईएम बोधगया बिहार गवर्नमेंट के जल संसाधन विभाग, राज्य स्वास्थ्य सोसायटी, बिहार पुलिस अकादमी, बिपार्ड और उद्योग विभाग सहित विभिन्न विभागों के ऑफिसरों को नेतृत्व और प्रबंधन प्रशिक्षण प्रदान करता है।

