बिहार

छात्र-छात्राओं ने चंद्रयान को देखकर बना दिया मिनी रोबोट

 ऐसी एक कामयाबी पूर्णिया इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों को मिली है उन्होंने चंद्रयान से प्रेरणा लेकर मिनी रोबोट बना दिया वही, उपस्थित विद्यार्थियों ने बोला यह मिनी रोबोट घरों की फ्लोर सफाई के साथ मेडिकल क्षेत्रों में बहुत उपयोगी होगा इसको कई विद्यार्थी और छात्राओं ने मिलकर तैयार किया है आने वाले दिनों में जहां आपका हांथ नहीं पहुंचेगा वहां यह रोबेट साफ सफाई कर देगाNewsexpress24. Com download 2023 09 17t190542. 204

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पूर्णिया इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने चंद्रयान को देखकर प्रेरणा ली सभी विद्यार्थियों ने मिलकर मिनी रोबोट का आविष्कार किया उन्होंने कहा कि यह मिनी रोबोट का कोशिश यदि सफल रहा तो निश्चित तौर पर गृहणी और अन्य कई लोगों को जिन्हें घर के कई कोने में साफ सफाई करने की दिक्कतें होती हो और मेडिकल के क्षेत्र सहित ऐसी स्थान पर जहां मानव को जाना दुर्लभ है, उस स्थान पर रोबोट को भेज कर काम होगा वहीं, उपस्थित विद्यार्थियों में रितुपर्णो घोष, रंजीत कुमार, किशोर कुमार, सनी कुमार, ऋतिक रंजन, रिया राज, अपर्णा गुप्ता, गुंजा कुमारी, वैशाली कुमारी और खुशी कुमारी सहित सभी ने कहा कि यह मिनी रोबोट बहुत ही क्षेत्र में कारगर होगा उन्होंने कहा कि यह मिनी रोबोट का कोशिश यदि सफल रहा तो निश्चित तौर पर गृहणी और अन्य कई लोगों को जिन्हें घर के कई कोने में साफ सफाई करने की दिक्कतें होती हो और मेडिकल के क्षेत्र सहित ऐसी स्थान पर जहां मानव को जाना दुर्लभ है, उस स्थान पर रोबोट को भेज कर काम होगा

ठोकर देखकर बदल लेगा अपनी दिशा
रोबोट बनाने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि यह मिनी रोबोट को इस तरह बनाया गया है कि यह किसी भी स्थान जा सकता है साथ ही साथ इसे सरलता से ऑपरेट भी किया जा सकता है रोबोट ऑटो सेंस की सहायता से किसी भी चीजों से टकराकर वापस अपनी दिशा में मुड़ जाता है एक छात्रा ने कहा कि इसमें आईआर सेंसर सर्वो मोटर सहित भिन्न-भिन्न पार्ट को मिलाकर मिनी रोबोट तैयार किया है वैक्यूम क्लीनर को बनाने में उन्हें तकरीबन एक महीने लगा हैं अभी उसमें अभी और भी काम बाकी है इंफ्रारेड सेंसर जो की इन्फ्रारेड लाइट पे काम करता हैं और Arduino Nano जिसमें हम लोग कोडिंग कर के रोबोट के अंदर जान डाल कर ऑप्रेट करते हैं  इसके अतिरिक्त मिनी रोबोट की पूरी बॉडी 3D printing से बनाई गई है जिससे हम लोगों को प्लास्टिक की खपत बहुत कम हुई है पूर्णिया इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल मनोज कुमार, इलेक्ट्रॉनिक हेड मोहम्मद इफ्तेखार आलम एवम सौरभ कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के इस कार्यों की सराहना की और उन्हें उनकी कामयाबी की मंजिल पाने में किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए भी उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया

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