BPSC पर बिहार सरकार से यह नियम चाहते हैं छात्र
बिहार में बीपीएससी को लेकर विद्यार्थी आंदोलन कर रहे हैं. कड़ाके की सर्दी में हजारों विद्यार्थी सडकों पर जमे हैं. पुलिस और प्रशासन उन पर लाठी चार्ज कर रही और पानी की बौछार मार रही है. आक्रोशित विद्यार्थी आंदोलन से हटने को तैयार नहीं है.

दरअसल, विद्यार्थी बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा, जो 13 दिसंबर 2024 को आयोजित हुई थी उसे रद्द करने की मांग कर रहे हैं. पुलिस की तरफ से विद्यार्थियों की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कई बार लाठीचार्ज हुए हैं. कई सियासी दलों का भी साथ विद्यार्थियों को मिल रहा है. आखिर क्या है पूरा टकराव जानते हैं.
बता दें कि रविवार शाम को भी विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर जेपी गोलंबर चौक पर प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन कर रहे इन विद्यार्थियों को पुलिस ने वहां से हटा दिया है. पुलिस ने विद्यार्थियों को हटाने के लिए पहले लाठीचार्ज किया और बाद में उनपर वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की. लेकिन विद्यार्थी डटे हुए हैं. इस बीच तेजस्वी और प्रशांत किशोर के आमने सामने आने से राजनीति गर्मा गई है.
परीक्षा में अनियमितता का इल्जाम : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा, जो 13 दिसंबर 2024 को आयोजित हुई थी को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है. पटना के बापू बैठक भवन में आयोजित परीक्षा में प्रश्न पत्र वितरण में देरी और पेपर लीक के आरोपों के चलते परीक्षार्थियों ने हंगामा किया और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों का इल्जाम है कि परीक्षा में अनियमितताएं हुई हैं, प्रश्न पत्र स्तरहीन थे, और कुछ प्रश्न निजी कोचिंग संस्थानों के मॉडल प्रश्न पत्रों से मेल खाते थे. वे पूरी परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित करने की मांग कर रहे हैं.
क्या है विद्यार्थियों की मांगें : बता दें कि विद्यार्थी पूरी परीक्षा को रद्द कर फिर से परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं. नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और इसका गणितीय मॉडल सार्वजनिक करने की मांग विद्यार्थियों की है. पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग विद्यार्थी करते रहे हैं. विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज के लिए उत्तरदायी ऑफिसरों पर कार्रवाई की मांग विद्यार्थी कर रहे हैं.
क्या बोला बीपीएससी ने : बीपीएससी ने विद्यार्थियों के आरोपों को खारिज करते हुए बोला कि परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष हुई थी. उन्होंने विद्यार्थियों से मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुटने की अपील की है. वहीं, राज्य गवर्नमेंट ने बोला है कि यदि किसी के पास अनियमितताओं के सबूत हैं, तो वे प्रस्तुत करें; गवर्नमेंट उचित कार्रवाई करेगी.
गर्म हुई राजनीति : सोमवार को विद्यार्थियों के समर्थन में बिहार में चक्का जाम का घोषणा किया गया है. आइसा ने विद्यार्थियों के समर्थन में बंद का घोषणा किया है. इसका समर्थन माले ने भी किया है. इधर एक फेसबुक पोस्ट में राजद नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है. इल्जाम लगाया कि भाजपा के इशारे पर उसकी बी टीम के लोगों ने इस आंदोलन को कुचलने की षड्यंत्र की है. तेजस्वी यादव ने बोला कि कुछ लोग इस आंदोलन को हाईजैक करना चाहते हैं.
तेजस्वी ने साधा निशाना : एक फेसबुक पोस्ट में तेजस्वी ने कहा, ‘जो ताकत भूख स्ट्राइक में थी वो कुछ और थी. इस बीपीएससी आंदोलन को कुछ लोगों ने गुमराह करने की प्रयास की. हम भी चाहते थे तो 5 लाख लोगों को गांधी मैदान बुला देते. अपने एक कॉल पर 5 लाख लोगों को बुला देते लेकिन उसका हल नहीं निकलना था. जो शांतिपूर्ंण ढंग से स्ट्राइक थी उससे बीपीएससी और गवर्नमेंट हिली हुई थी. लेकिन गवर्नमेंट ने नया फॉर्मूला निकाला. गवर्नमेंट की जो बी टीम है उसे आगे खड़ा किया गया और आंदोलन को गांधी मैदान ले जाना पड़ा और जब पिटाई हो रही थी तो कुछ लोग कह रहे थे हम सबसे आगे रहेंगे, वही लोग भाग गए.

