गया-कोडरमा रेलखंड पर पूरा हुआ 160 किमी/घंटा का सफल ट्रायल, जानें कब से रफ्तार पकड़ेगी ये ट्रेन…
गया से सरमाटांड़ जंक्शन के बीच मंगलवार को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कवच हाइस्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस ट्रायल के साथ ही गया-कोडरमा रेलखंड पर उच्च गति से ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया।

रेलवे की तकनीकी टीम, अभियंता और सुरक्षा ऑफिसरों की नज़र में यह ट्रायल किया गया। जिसे रेल प्रशासन ने अत्यंत सफल कहा है। पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आयोजित इस हाइस्पीड ट्रायल के लिए पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी। ट्रैक के दोनों लाइन सेक्शनों पर स्लीपर और स्लैब की अदला-बदली कर पटरियों को मजबूती प्रदान की गयी।
साथ ही, सिग्नलिंग सिस्टम, ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर और ट्रैक एलाइमेंट को नवीनतम मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया गया। गया जंक्शन सहित मार्ग के सभी प्रमुख स्टेशनों पर जरूरी सुधार कार्य पूरे कर लिये गये हैं। रेल ऑफिसरों के अनुसार, यह ट्रायल भारतीय रेलवे के मिशन गति शक्ति और नई गति नीति के अनुसार तेज रफ्तार यातायात के लिए किये जा रहे तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
भविष्य में इस सेक्शन पर राजधानी, वंदे हिंदुस्तान और अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाई जा सकेगी। ट्रायल के दौरान रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने ट्रैक की स्थिरता, कंपन्न, सिग्नल रिस्पॉन्स और ब्रेकिंग सिस्टम की दक्षता का विस्तृत परीक्षण किया। सभी पैरामीटर मानकों पर खरे उतरने के बाद ट्रायल को पूर्ण कामयाबी घोषित किया गया।
बताया गया कि इस ट्रायल के सफल होने के बाद गया से हावड़ा, नयी दिल्ली और रांची की ओर जाने वाली ट्रेनों के समय में गौरतलब कमी आने की आसार है। इससे यात्रियों को न सिर्फ़ समय की बचत होगी बल्कि तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवा का अनुभव भी मिलेगा।
रेल प्रशासन का बोलना है कि आने वाले दिनों में गया-कोडरमा-धनबाद मार्ग को राष्ट्र के तेज रफ्तार गलियारों में शामिल करने की दिशा में और सुधार कार्य किये जायेंगे। यह पहल बिहार-झारखंड क्षेत्र को हाइस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।

