बिहार

NDA Seat Sharing: सीट शेयरिंग पर खत्म होने वाला है सस्पेंस, इस दिन आएगा अंतिम फैसला

NDA Seat Sharing: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच NDA के भीतर सीटों के बंटवारे का समस्या अगले हफ्ते सुलझ जाएगा आठ अक्टूबर को नयी दिल्ली में एनडीए के शीर्ष नेताओं की बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें सभी पांच घटक दलों की सहमति से सीटों के बंटवारे को आखिरी रूप दिया जाएगा इस बैठक से पहले बिहार में बीजेपी अपनी चुनावी तैयारी को आखिरी रूप देने में जुटी है चार अक्टूबर को बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान पटना पहुंचेगे और यहां चुनाव समिति के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे

Bihar nda leaders 2

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राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों पर भी होगी बातचीत

मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे में सिर्फ़ विधानसभा की 243 सीटें शामिल नहीं होंगी, बल्कि अगले वर्ष राज्यसभा और विधान परिषद में खाली हो रही सीटों को भी इसमें शामिल किया जाएगा फिलहाल सभी घटक दलों का अंदरूनी होमवर्क जारी है, और इसे बाद में शीर्ष नेताओं के समक्ष रखा जाएगा सहमति बनने के बाद ही सीटों के बंटवारे की घोषणा सार्वजनिक की जाएगी

कौन-कौन सा दल NDA में शामिल?

विशेष रूप से इस बार एनडीए में पहली बार जदयू और चिराग पासवान की पार्टी (लोक जनशक्ति पार्टी-लोजपा) साथ हैं इसके अतिरिक्त एनडीए में भाजपा, जदयू के बाद हम और रालोमो जैसे दल शामिल हैं बताया जा रहा है कि इस बार कुछ सीटों में घटक दलों के बीच परिवर्तन भी किया जा सकता है इसके साथ ही, करीब दस प्रतिशत नए उम्मीदवार मैदान में उतारे जाएंगे और उतनी ही संख्या में मौजूदा नॉन परफॉर्मर विधायकों के टिकट कटने की आसार है

केंद्रीय चुनाव समिति लगाएगी आखिरी मुहर

सीटों के बंटवारे में जदयू और बीजेपी की हिस्सेदारी लगभग समान रहने की आसार है घटक दलों के बीच आपसी समन्वय और रणनीति तय करने के लिए प्रदेश स्तर पर चुनाव समिति एक्टिव रूप से काम कर रही है प्रदेश चुनाव समिति द्वारा कोटे की सीटों पर तीन नामों की अनुशंसा केंद्रीय चुनाव समिति को भेजी जाएगी प्रदेश चुनाव समिति के सदस्य प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि समिति की बैठक में जो नाम सुझाए जाएंगे, उन पर विस्तार से चर्चा की जाएगी समिति द्वारा इन नामों की स्क्रूटनी के बाद हर सीट पर तीन नामों का चयन कर केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा, जो आखिरी मुहर लगाएगी

किन चीजों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा निर्णय?

भाजपा और उसके घटक दलों के लिए यह सीट बंटवारा रणनीतिक रूप से बहुत जरूरी है चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि, पिछली चुनावी परफॉर्मेंस और क्षेत्रीय जनभावनाओं को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा इससे साफ होता है कि एनडीए आनें वाले चुनाव में न सिर्फ़ अपने गठबंधन को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है, बल्कि विधानसभा, राज्यसभा और विधान परिषद में अपनी पकड़ बढ़ाने की भी तैयारी में है

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