बिहार

तेज प्रताप यादव राजद में 6 साल तक नहीं कर सकते वापसी

 

Tej Pratap Yadav News: तेज प्रताप यादव को अनुष्का यादव से प्रेम करने की सजा मिल गई लालू प्रसाद यादव ने पार्टी और परिवार से निकाल दिया पिता के निर्णय पर तेज प्रताप यादव की खामोशी से सस्पेंस बढ़ता जा रहा है तेजस्वी अपनी राय रख चुके हैं वह अपने पिता के निर्णय के साथ हैं ऐसे में प्रश्न है कि तेज प्रताप यादव का अगला कदम क्या होगा? दरअसल, तेज प्रताप यादव की लव स्टोरी से बिहार में हलचल बढ़ चुकी है बिहार में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव है ऐसे में तेज प्रताप यादव हाथ पर हाथ धरे तो नहीं बैंठेंगे सूत्रों का बोलना है कि लालू यादव के लाल और तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताव यादव एक बड़ा सियासी निर्णय ले सकते हैं राजद के दरवाजे बंद होने के बाद वह अपनी नयी पार्टी का घोषणा कर सकते हैंImages 11zon 29

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सूत्रों का बोलना है कि तेज प्रताप यादव की खामोशी इस बात का इशारा कर रही है कि वह कुछ बड़ा करने की सोच रहे हैं वह अपनी अलग राजनीतिक ताकत खड़ी करने की तैयारी में हैं इसके लिए वह दो नामों पर विचार कर रहे हैं एक नाम होगा डीएसएस यानी धर्मनिरपेक्ष सेवक संघ और दूसरा सीजेपी यानी विद्यार्थी जनशक्ति परिषद जी हां, यदि तेज प्रताप अपनी अलग पार्टी बनाते हैं तो इन दोनों नामों में से एक पर विचार करेंगे इसकी वजह भी है दरअसल, तेज प्रताप यादव ने आरएसएस के विरुद्ध धर्मनिरपेक्ष सेवक संघ बनाया था जबकि यूथ ऑर्गनाइजेशन के लिए विद्यार्थी शक्ति परिषद का गठन किया था

तेज चलेंगे अपनी चाल

लालू यादव के निर्णय से तेज प्रताप को बड़ा धक्का लगा होगा तेज प्रताप ने दो दिन पहले ही फेसबुक पर अपने प्रेम का इजहार किया था उन्होंने तस्वीर पोस्ट कर कहा था कि वह अनुष्का के साथ 12 वर्ष से रिलेशन में हैं इसके बाद राजनीतिक बवाल ऐसा मचा कि लालू फैमिली ने तेज प्रताप यादव के लिए पार्टी और घर दोनों का दरवाजा बंद कर दिया तेज प्रताप यादव को यह झटका ऐसे समय में मिला, जब चुनाव सिर पर है हालांकि, वह पहले भी अपनी पार्टी में उपेक्षित महसूस करते रहे हैं वह अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर कई बार पार्टी लाइन के इतर बयान देते रहे हैं

तेज प्रताप यादव को प्रेम करने की सजा मिल गई

तेज से लालू फैमिली रही है परेशान

तेज प्रताव यादव कभी संगठन के नेताओं पर गंभीर इल्जाम लगाते रहे हैं तो तो कभी स्वयं को ‘कृष्ण’ और तेजस्वी को ‘अर्जुन’ बताते रहे हैं तेज प्रताप यादव हमेशा से एक अलग सियासी छवि गढ़ते आए हैं कई बार उन्होंने अपने बयान और हरकत से राजद और लालू फैमिली को असमंजस और कठिनाई में डाला अब जब साफ हो चुका है कि वह राजद में 6 वर्ष तक वापसी नहीं कर सकते और परिवार ने भी उनसे नाता तोड़ लिया है, ऐसे में उनके पास अब एक ही ऑप्शन बचता है अपने लिए नया रास्ता बनाना यही वजह है कि इस बात की प्रबल आसार है कि तेज प्रताप यादव अब स्वयं की विचारधारा और नेटवर्क तैयार करना चाहते हैं

क्या है यह DSS और CJP?

तेज प्रताव यादव ने आरएसएस के विरुद्ध लड़ाई में बीते वर्ष 2015 में ही DSS यानी धर्मनिरपेक्ष सेवक संघ का गठन किया था यह तेज प्रताप यादव का अपना संगठन है वह स्वयं इसके संरक्षक हैं तब तेज प्रताव यादव ने बोला था कि वह डीएसएस के माध्यम से आरएसएस को वैचारिक और व्यवहारिक चुनौती देंगे तेज के मुताबिक, इस संगठन का मकसद आपसी सदभाव और सर्वधर्म समभाव को कायम करना है वहीं, तेज प्रताप यादव का दूसरा गैर सियासी संगठन है सीजेपी यानी विद्यार्थी जनशक्ति परिषद उन्होंने इसकी स्थापना 2021 में की थी

 

 

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