अब नहीं होगी मतदान में कोई असुविधा, 85 प्लस के लिए जारी हुई होम वोटिंग की शानदार सुविधा
बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही नालंदा जिले में प्रशासन अलर्ट मोड में हैं. 6 अक्टूबर को जारी प्रेस नोट के साथ ही पूरे जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. जिला प्रशासन ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था किए

सात विधानसभाओं में होगा मतदान
नालंदा जिले की सात विधानसभा सीट अस्थावां, बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर, हिलसा, नालंदा और हरनौत में कुल 2765 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा. सबसे अधिक 445 मतदान केंद्र बिहारशरीफ विधानसभा में है, जबकि अस्थावां में 370 सेंटर बनाए गए हैं.
रिटर्निंग अफसरों की नियुक्ति
जिला प्रशासन ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए रिटर्निंग अफसरों की नियुक्ति कर दी है. नालंदा विधानसभा के लिए एडीएम मनीष शर्मा, हरनौत के लिए डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर, अस्थावां के लिए डीसीएलआर विजय कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है. राजगीर विधानसभा के रिटर्निंग अधिकारी एसडीओ आशीष नारायण, हिलसा के एसडीओ अमित कुमार पटेल और इस्लामपुर के लिए डीसीएलआर रशिम कुमारी नियुक्त की गई है.
उम्मीदवारों का नामांकन प्रक्रिया
प्रत्याशी अपने संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से नामांकन पत्र खरीद सकते हैं. सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों को 10,000 रुपए जमा करने होंगे, जबकि एससी-एसटी और स्त्री उम्मीदवारों के लिए यह राशि मात्र 5,000 रुपए है. प्रत्याशी औनलाइन भुगतान कर नामांकन पत्र डाउनलोड भी कर सकते हैं. बिहारशरीफ में नालंदा, बिहारशरीफ, अस्थावां और हरनौत विधानसभाओं का नामांकन होगा. राजगीर और हिलसा में राजगीर और इस्लामपुर, हिलसा विधानसभाओं का नामांकन कार्य संपन्न होगा.
युवा और दिव्यांग मतदाताओं पर विशेष फोकस
इस बार के चुनाव में नालंदा जिले में कुल 36,531 युवा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 8,924 पुरुष और 10,773 महिलाएं शामिल हैं. सबसे अधिक 6,497 युवा मतदाता बिहारशरीफ विधानसभा में हैं.
दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध की गई है. जिले में कुल 20,510 दिव्यांग मतदाता हैं, जिनमें 13,638 पुरुष और 6,871 महिलाएं हैं. सभी मतदान केंद्र भूतल पर होंगे और रैंप, व्हीलचेयर तथा सहायक कर्मियों की प्रबंध रहेगी.
घर बैठे मतदान की सुविधा
85 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता और 40 फीसदी से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाता फॉर्म 12-डी भरकर घर बैठे मतदान कर सकेंगे. चुनाव कर्मी उनके घर जाकर मतदान की प्रक्रिया पूरी कराएंगे.
सर्विस वोटर्स की संख्या
जिले में कुल 5,594 सर्विस वोटर्स हैं. सबसे अधिक 1,045 सर्विस वोटर इस्लामपुर विधानसभा में हैं, जबकि राजगीर में 887 और नालंदा में 849 सर्विस वोटर्स हैं.
कड़ी निषेधाज्ञा जारी
जिला दंडाधिकारी कुंदन कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अनुसार 15 नवंबर 2025 तक के लिए कड़ी निषेधाज्ञा जारी की है. इसके अनुसार पांच या अधिक व्यक्तियों की सभा, जुलूस या धरना बिना पूर्वानुमति के प्रतिबंधित है. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है.
किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र को सार्वजनिक स्थलों पर लाना या प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है. धार्मिक स्थलों का सियासी प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. जातीय, धार्मिक या सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वाले पर्चे, फोटो या सोशल मीडिया संदेश प्रतिबंधित हैं.
निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर भारतीय इन्साफ संहिता की धारा 223 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 215 के अनुसार कार्रवाई होगी. जिला प्रशासन ने साफ किया है कि शासकीय कार्य में लगे अधिकारियों, सिख धर्मावलंबियों के कृपाण, मृतशरीर यात्रा, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक कार्यक्रमों (अनुमति प्राप्त) को इस निषेधाज्ञा से छूट दी गई है.
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. मतदाताओं से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदार बनें.

