बिहार में पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिये बनाई जायेगी यह आईडी
बिहार न्यूज़ डेस्क अब बिहार के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा, शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों की पूरी कुंडली एक ही क्लिक पर सामने होगी। दरअसल, स्कूली बच्चों का अपार कार्ड (एपीएएआर) आईडी बनाने का काम प्रारम्भ होगा। पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की यह आईडी बनाई जाएगी। विद्यालय स्तर पर ही बच्चों को यह जारी भी किया जाएगा। इसके अनुसार हर बच्चे का 12 अंकों का यूनिक नंबर वाला आईडी होगा। इससे शिक्षा का पूरा ब्योरा डिजिटली सामने आ जाएगा। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों में बच्चों की अपार आईडी जल्द जनरेट करने का निर्देश दिया गया है। अपार आईडी यू- डायस प्लस पोर्टल के स्टूडेंट माड्यूल में जनरेट होगा। मालूम हो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पहली से बारहवीं तक के बच्चों का अपार आईडी जरूरी किया गया है।
अभिभावक-शिक्षक बैठक में माता-पिता से लिया जाएगा सहमति पत्र विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें अपार आईडी बनवाने को विद्यार्थियों के माता, पिता और कानूनी अभिभावक की सहमती ली जाएगी। अभिभावकों को सहमती पत्र का वितरण किया जाएगा। भौतिक सहमति लेकर अपार आईडी जनरेट किया जाएगा।
क्या है अपार (एपीएएआर) आईडी अपार आईडी ‘स्वाचालित स्थायी शैक्षणिक खाता पंजीकरण’ (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) 12 अंकों की पहचान प्रणाली है। यह गवर्नमेंट की ओर से प्रारम्भ किए गए वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी कार्यक्रम का हिस्सा है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार लागू किया गया है। जैसे हर नागरिक का आधार कार्ड है और यूनिक आधार नंबर है, उसी तरह हर विद्यार्थी का अपार आईडी होगा। इसके यूनिक अंक को डालते ही विद्यार्थी का शैक्षणिक ब्योरा सामने आ जाएगा। इसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा की पूरी जानकारी होगी। उनका नाम, डिग्री, मार्कशीट आदि की जानकारी डिजिटल रूप में रहेगी।

