बिहार में बाल-बाल बची यात्रियों की जान, क्षतिग्रस्त ट्रैक से गुजर गई ट्रेन
जमुई। हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य रेलवे लाइन के किउल-जसीडीह रेलखंड पर एक बार फिर से बड़ा रेल दुर्घटना टल गया। इस रेल लाइन पर क्षतिग्रस्त रेल पटरी के ऊपर से यात्रियों से भरी ट्रेन गुजर गई। गनीमत यह रही कि इससे कोई बड़ा रेल दुर्घटना नहीं हुआ। पिछले दो हफ्तों में तीसरी बार ऐसा हुआ है, जब रेलवे ट्रैक के आसपास इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।

अभी कुछ ही दिनों पहले ही इसी रेल लाइन पर पटरी को काटकर ट्रेन हादसा की षड्यंत्र रची गई थी और अब एक बार फिर से इस रेल लाइन पर क्षतिग्रस्त रेल पटरी के ऊपर से पुरी ट्रेन गुजर गई। हालांकि इसे किसी के द्वारा खोला गया है या यह स्वयं खुला है, ये अभी तक साफ नहीं हो सका है। मुद्दा जसीडीह-झाझा रेलखंड के लाहाबन-टेलवा बाजार हॉल्ट के बीच सामने आया है। जहां अप ट्रैक पर रेलवे लाइन की दो फिश प्लेट खुली मिली हैं। हालांकि बाद में पेट्रोलिंग टीम को जब इसकी जानकारी मिली, तब उनकी सतर्कता से इस ट्रैक पर ट्रेनों के परिचालन को बंद किया गया और इस हादसे को टाल दिया गया।
पेट्रोलिंग टीम को हुई जानकारी तो टला हादसा
दरअसल यह पूरा मुद्दा बीते सोमवार देर रात करीब 1:00 बजे के आसपास सामने आया है। कहा जा रहा है कि ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं रेलवे कर्मचारी सूरज वर्मा और चंद्रिका यादव जब किलोमीटर संख्या 344/17-19 के पास पहुंचे तब उन्होंने देखा कि रेलवे ट्रैक में लगाए जाने वाला एक फिश प्लेट पूरी तरह से खुल गई है, जबकि दूसरी फिश प्लेट का नट और वोल्ट ढ़ीला हो गया था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना विभाग के ऑफिसरों को दी। सूचना मिलते ही रेलवे के ऑफिसरों के द्वारा एहतिहातन 13185 अप सियालदाह-जयनगर गंगासागर एक्सप्रेस को करीब 45 मिनट तक रोक कर रखा गया और अप ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया।
देर रात ही मौके पर पहुंचे रेल अधिकारी
सूचना पाकर रेलवे के वरीय अधिकारी देर रात ही मौके पर पहुंचे। जसीडीह एईएन पिंटू दास भी स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि फिश प्लेट स्वयं से खुला है, या उसे किसी के द्वारा खोला गया है। उन्होंने बोला कि पूरे रेलखंड की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और रेल कर्मियों को सावधान रहने का निर्देश दिया गया है। घटना की जानकारी आरपीएफ को भी दी गई है और जॉइंट रिपोर्ट तैयार कराई गई है। उल्लेखनीय है कि अब से कुछ दिनों पहले भी इस रेल ट्रैक पर एक बड़ी षड्यंत्र सामने आई थी। 13 फरवरी को कुछ लोगों के द्वारा घोरपारण स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइन को काटने की प्रयास की गई थी, तो वहीं उसके कुछ दिनों बाद रेलवे ट्रैक से आरपीएफ ने करीब 45 किलो विस्फोटक भी बरामद किया था। इस ट्रैक पर लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अब रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

