उपेंद्र कुशवाहा ने चिराग पासवान को लेकर पेश की ये सलाह, आखिर क्या है इरादा…
बिहार विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे निकट आ रहा है, वैसे-वैसे बिहार में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बीच सोमवार को हुई मुलाकात पर तरह-तरह के बयानबाजी का दौर भी प्रारम्भ हो गया है। इसी क्रम में आरएलएम (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने चिराग पासवान को इशारों ही इशारों में नसीहत दे डाली है। उपेंद्र कुशवाहा ने बोला कि इस समय कदम फूंक-फूंक कर रखने की आवश्यकता है ताकि कोई चूक न हो। एनडीए को ऐसा करने की आवश्यकता है ताकि हम मजबूती से गवर्नमेंट बना सकें। ऐसे में किसी भी तरह का बयान सोच समझकर देना चाहिए।

दरअसल चिराग पासवान के बिहार चुनाव लड़ने के विषय पर उपेंद्र कुशवाहा ने बोला कि चुनाव लड़ना या न लड़ना, और कहां से लड़ना, यह उनकी पार्टी और चिराग जी का फैसला है। लेकिन यह संदेश देना कि एनडीए में कोई खटपट है, वर्तमान समय में एनडीए के सभी घटक दलों को इस प्रकार की चीजों से बचना चाहिए। हमें सावधान रहना चाहिए कि हमारे काम और बातों से एनडीए के घटकों के बीच खटास का संदेश जनता के बीच न जाए। वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने बोला कि एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं है।
‘नीतीश जी कई लोगों को देते हैं आशीर्वाद’
वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने पीएम के बिहार दौरे पर बोला कि जब भी पीएम बिहार आते हैं, वे यहां कई सौगातें देते हैं. इस बार भी हम सभी प्रतीक्षा कर रहे हैं कि बिहार को बहुत कुछ मिलेगा। नीतीश कुमार और चिराग पासवान की मुलाकात और पोस्टर टकराव पर कुशवाहा ने बोला कि नीतीश कुमार जी ऐसी स्थिति में हैं जहां वे कई लोगों को आशीर्वाद देते हैं। यदि कोई इसे सियासी अर्थ के रूप में देख रहा है तो मुझे नहीं पता कि नीतीश जी और चिराग जी के बीच क्या वार्ता हुई. हर कोई आशीर्वाद देता है और नीतीश जी भी देते हैं, इसमें कुछ अलग नहीं है। सियासी दृष्टिकोण से नीतीश जी ने कोई विशेष आशीर्वाद दिया या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
कुशवाहा ने RJD को भी दी नसीहत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को झूलेलाल कहे जाने पर कुशवाहा ने बोला कि राजद का रवैया रहा है कि किसी के बारे में कुछ भी कह देना, लिख देना या दिखा देना। राजद के लोगों को समझना चाहिए कि इससे उनकी छवि और बिगड़ती है। उन्हें सियासी आलोचना तक सीमित रहना चाहिए और इस प्रकार के बयानों से परहेज करना चाहिए

