बिहार में वन विभाग के अवैध आरा मिलों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप
छपरा। बिहार के सारण जिले में वन विभाग के गैरकानूनी आरा मिलों के विरुद्ध अंधाधुन्ध कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। जिले के मढौरा के सिसवा में एक गांव में 10 से अधिक गैरकानूनी आरा मशीन संचालन हो रहा था। इसकी भनक लगने पर जिला वन पदाधिकारी के नेतृत्व में सिसवा गांव में इन आरा मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। डीएफओ रामसुंदर ने कहा कि मढ़ौरा प्रखंड के सिसवा गांव में चल रहे गैरकानूनी आरा मिलों की सूचना पर कार्रवाई की गई तो पाया गया कि 10 गैरकानूनी आरा मिल वन विभाग की अनुमति के बिना चल रही थी। इन सभी को कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया है। कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
डीएफओ रामसुंदर ने कहा किआरा मिल के ब्लेड और चक्के को वन विभाग द्वारा बरामद कर सील कर दिया गया है। साथ हीं गैरकानूनी निर्माण को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ वैध आरा मिलों के पास नवीनीकरण को लेकर कोई मुनासिब कागजात भी नहीं थे। टीम द्वारा उन व्यक्तियों के आरा मिलों को भी सील कर दिया है। सभी गैरकानूनी आरा मिल गलत ढंग से लकड़ी के गैरकानूनी परिवहन और भंडारण में भी शामिल थे। हालांकि बिना परमिट के गैरकानूनी लकड़िययां बरामद करने पर ग्रामीणों ने विरोध किया और पथराव भी किया।
ग्रामीणों की कम्पलेन पर की गई कार्रवाई
डीएफओ ने कहा कि क्षेत्रीय लोगों ने गैरकानूनी आरा मिलों से होने वाली परेशानी के बारे में कम्पलेन की थी। जिसके बाद वन विभाग की टीम सिसवा गांव में जांच के लिए पहुंची थी। जहां बड़े पैमाने पर गैरकानूनी आरा मशीनों को देखकर विभाग के कान खड़े हो गए। हाल ही में गुप्त निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि क्षेत्र में कई नए आरा मिल भी स्थापित कर लिया गया था। सभी गैरकानूनी आरा मिलों पर सारण जिला वन बल और पुलिस बल की सहायता से कार्रवाई की गई। इसी प्रकार का अभियान उच्च ऑफिसरों के निर्देशानुसार जिले भर में चलाया जाएगा। ऑपरेशन में डीएफओ रामसुंदर के अतिरिक्त रेंज अधिकारी समीर कुमारी, बांके पासवान, वनपाल भीम कुमार, भरत सिंह और वनरक्षी राकेश कुमार, चंद्रमणि थे।

