वक्फ बिल को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता : पप्पू यादव
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद में वक्फ बिल के विरुद्ध वोटिंग की. उन्होंने इसे राष्ट्र की जनता को गुमराह करने वाला बिल बताया. भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर राष्ट्र के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का इल्जाम लगाते हुए निर्दलीय सांसद ने बोला कि सत्ता
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पप्पू यादव ने बोला कि इस बिल को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने संसद में इसके विरुद्ध चार संशोधन प्रस्तुत करने की सूचना भी दी. हालांकि, जब उन्होंने सत्ता पक्ष से प्रश्न पूछे, तो उन्हें बीच में ही रोक दिया गया. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट की मंशा पर प्रश्न उठते हैं क्योंकि यह बिल अल्पसंख्यकों, गरीबों और पिछड़े वर्गों के हितों के विरुद्ध है.
वक्फ को समझने से पहले बौद्ध धर्म के अस्तित्व को समझना होगा
सांसद ने बोला कि वक्फ को समझने से पहले बौद्ध धर्म के अस्तित्व को समझना होगा. उन्होंने बोला कि इस्लाम के पहले इस दुनिया में बौद्ध धर्म आया था. बौद्ध धर्म तब आया, जब इस राष्ट्र के 90 फीसदी गरीब, दलित, ईबीसी, मूलवासी और आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा था.
उनकी संस्कृति और उनके जीने के अधिकारों पर धावा हुआ था. तब बौद्ध धर्म ने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ और ‘सर्व धर्म समभाव’ का संदेश दिया. उन्होंने प्रश्न उठाते हुए पूछा कि इस्लाम ने कब जमीन कब्जा किया. गरीबों, आदिवासियों और मूलवासियों की जमीन, जमींदारों की कैसे हुई. राजा-महाराजाओं के पास जमीन कहां से आई.
अल्पसंख्यकों को कमजोर करने की साजिश
सांसद ने सिखों के गुरु नानक और गुरु गोविंद सिंह का उदाहरण देते हुए बोला कि गुरु गोविंद सिंह जी ने हिंदुओं को बचाने के लिए नहीं, बल्कि मानवता और इन्सानियत को बचाने के लिए कुर्बानी दी थी. हमें सनातन को ठीक ढंग से समझना होगा.
उन्होंने मंडल आयोग और आरक्षण का मामला उठाते हुए बोला कि ये वही लोग हैं जिन्होंने मंडल कमीशन के विरुद्ध ‘कमंडल’ लाया था. उस समय करीब 13,000 पिछड़े वर्ग के लोगों का कत्लेआम हुआ था. मंडल का विरोध किसने किया था? आरक्षण और जाति जनगणना का विरोध कौन करता है? अब यही लोग वक्फ बोर्ड के विरुद्ध बिल लाकर अल्पसंख्यकों को कमजोर करने की षड्यंत्र कर रहे हैं.
आपके कार्य ही आपकी नीयत साफ कर देते
सांसद ने स्त्री आरक्षण को लेकर भी प्रश्न उठाए. उन्होंने बोला कि आप कहते हैं कि यह बिल स्त्रियों के लिए लाया गया है, लेकिन आपने अब तक पिछड़ी जाति और दलित स्त्रियों को आरक्षण क्यों नहीं दिया और ना देना चाहते हैं. क्या आप एक भी मुसलमान को टिकट देते हैं. आपके कार्य ही आपकी नीयत साफ कर देते हैं.
पप्पू यादव ने गवर्नमेंट की आर्थिक नीतियों पर प्रश्न उठाते हुए बोला कि गवर्नमेंट ने काले धन और जाली नोट के विरुद्ध नोटबंदी लाई थी, लेकिन आज तक इसका कोई ठोस रिज़ल्ट नहीं दिखा. असल में नोटबंदी इसलिए लाई गई थी, क्योंकि गवर्नमेंट को लगा कि मुस्लिम बैंक में पैसा जमा नहीं करते और सूद नहीं खाते. इसलिए नोटबंदी के जरिए मुसलमानों की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने का कोशिश किया गया.
सांसद पप्पू यादव ने वक्फ बिल के विरुद्ध संसद में मजबूती से अपनी आवाज उठाई. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट की नीतियां गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को हाशिए पर धकेलने की दिशा में काम कर रही हैं.

