लॉ एंड ऑर्डर को लेकर एक्टिव मोड में कब फैसला लेंगे CM नीतीश…
CM Nitish Kumar News: बिहार एक बार फिर से गलत वजहों के चलते सुर्खियों में है। प्रदेश के अन्य हिस्सों की बात तो छोड़ दी जाए, राजधानी पटना में ही लोग स्वयं को महफूज महसूस नहीं कर रहे हैं। गोपाल खेमका को पुलिस स्टेशन से महज कुछ ही दूरी पर मृत्यु के घाट उतार डाला गया। पुलिस ने इस मुद्दे को कुछ ही दिनों में सुलझा लेने का दावा किया। इसके बाद भी क्रिमिनल बेखौफ रहे। खेमका हत्याकांड के बाद एक रेत व्यवसायी और अब किराना दुकान चलाने वाले एक शख्स की भी हत्या कर दी गई। केवल जुलाई महीने में ही प्रदेश भर में हत्या की तकरीबन 3 दर्जन मुद्दे सामने आ चुके हैं। बिहार में कुछ ही महीनों के बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में विपक्षी दलों को गवर्नमेंट पर धावा बोलने का बड़ा मौका मिल गया है। इन सब घटनाक्रमों के बीच सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि बिहार की राजधानी में इतनी बड़ी घटनाएं हुईं, पर ‘सुशासन बाबू’ के नाम से प्रसिद्ध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंतिम बार लॉ एंड ऑर्डर सिचुएशन पर कब सार्वजनिक तौर पर अपना पक्ष रखा था?
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लॉ एंड ऑर्डर सुप्रीम प्रायरिटी: मुख्यमंत्री नीतीश
एक तस्वीर ये भी
बिहार में लगातार आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। क्राइम थमने का नाम नहीं ले रहा है। महज 11 दिन के अंदर 31 लोगों की मर्डर का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। राजधानी पटना में तो क्रिमिनल आए दिन कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं। 4 जुलाई को प्रसिद्ध व्यवसायी गोपाल खेमका के हत्या से प्रारम्भ हुआ हत्याओं का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। उनके बाद रेत व्यवसायी और 11 जुलाई की रात किराना दुकान संचालक की गोली मारकर मर्डर कर दी गई। प्रदेश के अलग-अगल जिलों में सिलसिलेवार हुई हत्याएं की पूरी जानकारी यहां पढ़िए।

