आइफोन पर पेगासस जैसे अटैक की चेतावनी, सिक्योरिटी के लिए तीन स्टेप्स करें फॉलो
एपल ने आईफोन पर पैगासस जैसे स्पायवेयर अटैक का खतरा जताया है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आईफोन यूजर्स को ‘मर्सनरी स्पायवेयर’ के जरिए टारगेट किया जा रहा है. इसके जरिए आईफोन को एक्सेस करने की प्रयास की जा रही है.

इस बारे में भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बोला गया है कि एपल ने हिंदुस्तान सहित उन 91 राष्ट्रों के अपने यूजर्स को वॉर्निंग मेल भेजा है, जो ‘मर्सनरी स्पायवेयर’ अटैक के संभावित शिकार हो सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पायवेयर इजरायल के NSO ग्रुप के पेगासस की तरह है. ऐसे अटैक आम साइबर अपराध से अलग हैं, जिसका मकसद डिवाइस का अनऑथराइज्ड एक्सेस हासिल करना है.
कुछ भारतीय यूजर्स को एपल ने वॉर्निंग मेल भेजा
द भारतीय एक्सप्रेस के मुताबिक, एपल ने 11 अप्रैल को भारतीय समयानुसार रात करीब 12:30 बजे कुछ भारतीय यूजर्स को वॉर्निंग मेल भेजा है. मेल में लिखा है – ‘Apple ने पाया है कि आप एक ‘मर्सनरी स्पायवेयर’ अटैक का शिकार हो रहे हैं जो आपके Apple ID -xxx- से जुड़े iPhone को दूर से ही हैक करने की प्रयास कर रहा है.
यह धावा संभवतः आपको खास तौर पर इसलिए निशाना बना रहा है क्योंकि आप कौन हैं या आप क्या करते हैं. हालांकि, इस तरह के हमलों का पता लगाने के दौरान पूरी तरह से निश्चितता हासिल करना कभी भी संभव नहीं होता है, लेकिन Apple को इस चेतावनी पर पूरा भरोसा है – कृपया इसे गंभीरता से लें.‘
यूजर्स की पहचान करके अटैक किया जा रहा
ET का दावा है कि उसने एपल की ओर से जारी की गई धमकी अधिसूचना (थ्रेट नोटिफिकेशन) को देखा है, जो सिचुएशन की गंभीरता को दिखाता है. थ्रेट नोटिफिकेशन में इस स्पायवेयर अटैक को रेगुलर कंज्यूमर मैलवेयर की तुलना में कहीं अधिक रेयर (दुर्लभ) और आर्गनाइज्ड कहा गया है.
नोटिफिकेशन में बोला गया है- ‘मर्सनरी स्पायवेयर’ अटैक आमतौर पर यूजर्स के स्पेसिफिक एपल ID का इस्तेमाल करके चुना जाता है, जो दिखाता है कि यह अटैक आदमी की पहचान या एक्टिविटी के आधार पर किया गया है.
पिछले वर्ष अक्टूबर में एपल ने भेजा था थ्रेट नोटिफिकेशन
पिछले वर्ष अक्टूबर में एपल ने हिंदुस्तान सहित कई राष्ट्रों में ‘स्टेट स्पॉन्सर्ड’ अटैक का नोटिफिकेशन भेजा था. हिंदुस्तान में वह थ्रेट नोटिफिकेशन तृण मूल काँग्रेस नेता महुआ मोइत्रा, कांग्रेस पार्टी नेता शशि थरूर समेत विपक्षी दलों के कई लीडर्स और कुछ जर्नलिस्ट को भेजा गया था.
एपल ने थ्रेट नोटिफिकेशन में लिखा था – एपल को लगता है कि आपको स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स निशाना बनाने की प्रयास कर रहे हैं. आपकी एपल ID से जुड़े आईफोन को रिमोटली कॉम्प्रोमाइज करने यानी हैक करने की प्रयास की जा रही है.
यदि आपका डिवाइस किसी स्टेट-स्पॉन्सर्ड अटैक से कॉम्प्रोमाइज हुआ है, तो वो आपका सेंसिटिव डेटा, कम्युनिकेशन और कैमरा और माइक्रोफोन तक एक्सेस कर सकते हैं. यह संभव है कि यह एक फॉल्स अलार्म हो, लेकिन इस चेतावनी को गंभीरता से लें.” हालांकि गवर्नमेंट ने टेलीफोन हैकिंग के आरोपों को खारिज किया था.
इन्फॉर्म और असिस्ट करने के लिए थ्रेट नोटिफिकेशन
एपल की वेबसाइट के अनुसार, थ्रेट नोटिफिकेशन उन यूजर्स को इन्फॉर्म और असिस्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें स्टेट-स्पॉन्सर्ड अटैकर्स की ओर से टारगेट करने की प्रयास की गई हो. इस नोटिफिकेशन में लॉकडाउन मोड इनेबल करने समेत टेलीफोन को सिक्योर करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं इसकी भी जानकारी दी जाती है.
लॉकडाउन मोड डिवाइसेज को एक्सट्रीमली रेयर और हाइली सोफेस्टिकेटेड साइबर अटैक्स से बचाने में सहायता करता है. जब लॉकडाउन मोड इनेबल होता है, तो आपका डिवाइस उस तरह काम नहीं करेगा जैसा वह आमतौर पर करता है. अटैक को रोकने के लिए कुछ ऐप्स, वेबसाइट और फिचर्स को लिमिटेड कर दिया जाता है.
सिक्योरिटी के लिए तीन स्टेप्स फॉलो करें…
- लेटेस्ट सॉफ्टवेयर में अपने डिवाइसेज को अपडेट करें, क्योंकि इसमें लेटेस्ट सिक्योरिटी फिक्सेज शामिल होते हैं.
- डिवाइसेज को पासकोड से प्रोटेक्ट करें. एपल ID के लिए टु फैक्टर ऑथेंटिकेशन और मजबूत पासवर्ड यूज करें.
- ऐप स्टोर से ही ऐप्स इंस्टॉल करें. अननोन सेंडर के लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें. स्टॉन्ग और यूनीक पासवर्ड यूज करें.

