पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर होने वाले स्कैम बढ़े , सैकड़ों को बनाया बेवकूफ
नई दिल्ली। पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर होने वाले स्कैम आजकल काफी अधिक बढ़ गए हैं। इसके बारे में लगातार वॉर्निंग जारी की जा रही है। लेकिन, फिर भी ये घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी भी काफी सारे भोले-भाले लोग इन स्कैम का शिकार हो जाते हैं। अब औनलाइन स्कैम करने के मुद्दे में 30 वर्ष के एक शख्स को उसके दोस्तों के साथ अरैस्ट किया गया है। इन पर सैकड़ों लोगों से पार्ट-टाइम नौकरी ऑफर के नाम पर ठगी का इल्जाम है। टाइम्स ऑफ इण्डिया के मुताबिक, ठगों ने यूजर्स को विश्वासघात देकर 1.42 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि लूटी है।
गिरफ्तार ठग का नाम अनिल कुमार मीणा है जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सैकड़ों लोगों के साथ ठगी को अंजाम दिया। ये ठग लोगों को पार्ट-टाइम नौकरी के ऑफर के तौर पर Google, Telegram और Instagram जैसे पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रेटिंग्स को रिव्यू करने के लिए कहते थे और बदले में पैसे ऑफर करते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने न सिर्फ़ पर्याप्त रिटर्न के झूठे वादे के साथ पीड़ितों को ठगा। बल्कि आम लोगों के साथ-साथ समृद्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी निशाना बनाया। ये ठग उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने के लिए पहले उकसाया थे। आरंभ में विश्वास हासिल करने के लिए प्रॉफिट दिखाते थे और एक बार अधिक निवेश मिलने के बाद पैसे अपने एकाउंट में ट्रांसफर करके टेलीफोन डिस्कनेक्ट कर देते थे।
मिले 1,200 सिम कार्ड्स
कथित तौर पर पुलिस को अरैस्ट संदिग्धों के कब्जे से 1,200 सिम कार्ड और कई टेलीफोन मिले। इससे पता चलता है कि इस स्कैम से सैकड़ों यूजर्स प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मीणा ने लोगों को औनलाइन ठगने के लिए एक फेक कंपनी भी बनाई थी। ठग लोगों को आरंभ में 200 रुपये देते थे। स्कैम करने के लिए ये ठग UPI और दूसरे औनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे।
मुंबई और जयपुर पुलिस ने इस मुद्दे में मीणा को मुख्य आरोपी के तौर पहचान की है। पुलिस को जांच के दौरान गैरकानूनी गतिविधियों से 1.42 करोड़ रुपये के घोटाले का पता चला। कानून से बचने के लिए मीणा ने लगातार अपनी लोकेशन भी बदली। लेकिन, पुलिस इंटेलिजेंस टूल्स के जरिए उसे ट्रैक करने और पकड़ने में सफल रही। हालांकि, जांच अभी जारी है। मीणा को इन अपराधों में सहायता करने वाले दोस्त भी जांच के दायरे में हैं।

