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सोने की कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड, क्या आपको भी इसमें करना है निवेश, लें एक्सपर्ट की सलाह

Gold Price Rise and Investment Tips: सोने की कीमतों में स्वर्णिम तेजी के बाद क्या आप सोच रही हैं कि सोने में निवेश करना चाहिए? क्योंकि, आपको लगता है कि सोना और सेंसेक्स यदि दोनों ही लगभग बढ़त के नए कीर्तिमान बना रहे हैं तो सोना बेहतर विकल्प हो सकता है? साथ ही, ईयर-टू-डेट (YTD) से कंपेयर करें तो आप पाती हैं कि गोल्ड ने 13 प्रतिशत और चांदी ने 8 प्रतिशत का फायदा कमा कर दिया है ऐसे में क्या स्त्री निवेशकों को पारंपरिक रूप से अपनी प्रिय धातु सोना में निवेश करना चाहिए? प्रश्न का उत्तर हां में हो सकता है लेकिन यह इस बात से इतर है कि सोना कितनी ऊंचाई पर है सोने का ऊंचाई पर होना इसका स्थिर होना नहीं है साथ ही, यह निवेश सोने के फिजिकल फॉर्म में नहीं बल्कि पेपरलेस फॉर्म में करना बेहतर विकल्प कहा जा रहा है

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टैक्स और निवेश मा्मलों के जानकार सोने में निवेश के बेहतरीन ऑप्शन के तौर पर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) बताते हैं वह बताते हैं कि सॉवरन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) आरबीआई (RBI) द्वारा जारी किए जाते हैं और कई मायनों में बहुत बहुत बढ़िया निवेश विकल्प कहे जा सकते हैंसॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसी गोल़्ड की स्कीमों में पैसा डालना न केवल रिटर्न के लिहाज से अच्छा चुनाव है बल्कि सुरक्षा के हिसाब से भी यह कम झंझटपूर्ण हैं और इसमें अन्य कई प्रकार के फायदा आपको टोटेलिटी में मिलते हैं यह कंपेरिजन फिजिकल गोल्ड (Physical Gold) के मुकाबले किया जा रहा है

इसके अतिरिक्त यदि आप पेपरलेस गोल्ड (Paperless Gold) की दिशा में खरीददारी की सोच रहे हैं तो जैसे कि गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF)  तो इसके साथ एक पेंच है जिसे सोच समझकर ही आपको फैसला लेना चाहिए गोल्ड ईटीएफ दरअसल एक्सचेंज ट्रेडड फंड होते हैं जिनसे प्राप्त होने वाले प्रॉफिट पर टैक्स कटता है यह एसजीबी में नहीं है यानी इस पर मिलने वाला रिटर्न कर मुक्त है जिससे आपकी एनएवी (NAV) में अपेक्षाकृत बढ़ोतरी होती है वैसे निवेश में असेट अलोकेशन होना कीमतों के उतार-चढ़ाव से निपटने की जैकेट प्रदान करता है इसलिए गोल्ड में निवेश ही अल्टिमेट लक्ष्य नहीं होना ही बेहतर 

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बावजूद सोने की कीमतें अस्थिर रही हैं और जानकार मानते हैं कि सोने के रिटर्न के लिए नहीं बल्कि मुद्रास्फीति (Inflation) और अनिश्चितता के बचने के लिए खरीदना चाहिए सोने की कीमतें 2018 में बढ़नी प्रारम्भ हुईं थीं और फिर Covid-19 के बाद से इसमें तेजी आती देखी गई दिसंबर 2019 से अगस्त 2020 तक हिंदुस्तान के मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमतें 49 प्रतिशत तक बढ़ गईं जानकारों की भविष्यवाणी थी कि रूस-यूक्रेन युद्ध प्रारम्भ होने के बाद भी सोने की अच्छी तेजी जारी रहेगी हालांकि ऐसा नहीं हुआ मार्च और अप्रैल महीने में सोने की कीमतें अस्थिर रही हैं

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