GST के 7 साल: PM Modi – आम आदमी को हुआ सबसे ज्यादा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बोला कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए गवर्नमेंट लोगों के जीवन में परिवर्तन के लिए सुधारों की यात्रा जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए एक्स पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने बोला कि हमारे लिए सुधार 140 करोड़ हिंदुस्तानियों के जीवन को बेहतर बनाने का एक साधन है. GST लागू होने के बाद घरेलू इस्तेमाल का सामान काफी सस्ता हो गया है. इससे गरीबों और आम आदमी को काफी बचत हुई है. हम लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए सुधारों की इस यात्रा को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सीबीआईसी डेटा पर प्रकाश डालते हुए बोला कि GST लागू होने के बाद आटा, सौंदर्य प्रसाधन, टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर आदि सहित अधिकतर घरेलू सामान सस्ते हो गए हैं. पिछले महीने, वित्त मंत्री ने विस्तार से कहा कि कैसे जीएसटी, एक विचार जो सबसे पहले पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट द्वारा प्रस्तुत किया गया था, ने अपने गरीब-समर्थक दृष्टिकोण के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूपीए गवर्नमेंट GST पर सियासी सहमति हासिल करने में असमर्थ थी और यह प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में था कि जरूरी सहमति “सावधानीपूर्वक बनाई गई” और GST अधिनियम 2016 में संसद द्वारा पारित किए गए थे.
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद को उसके अनुसार आने वाले तीन मंत्री समूहों (जीओएम) का पुनर्गठन करना होगा. इसका कारण यह है कि 11 राज्यों के नए मंत्री शनिवार को परिषद में शामिल हो गए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बोला कि शनिवार को GST परिषद की 53वीं बैठक में आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश, मिजोरम, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना और त्रिपुरा से 11 नए मंत्री शामिल हुए. GST परिषद की 52वीं बैठक सात अक्टूबर, 2023 को आयोजित की गई थी. परिषद में नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ GST से राजस्व के विश्लेषण, GST के अनुसार रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने और GST प्रणाली में सुधार पर तीन मंत्री समूहों का पुनर्गठन किया जाएगा.

