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क्रिप्टो स्कैम में पुणे के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने गंवाए 58 लाख रुपये से अधिक, 2 किसान हुए गिरफ्तार

पिछले कुछ सालों में क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग तेजी से बढ़ी है. इसके साथ ही इस सेगमेंट से जुड़े स्कैम के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह के एक मुद्दे में महाराष्ट्र में पुणे के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 58 लाख रुपये से अधिक गंवाए हैं. इस आदमी के साथ क्रिप्टोकरेंसी स्कैम 15 जुलाई से 12 अगस्त के बीच हुआ था.

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एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मुद्दे में महाराष्ट्र पुलिस ने दो किसानों को अरैस्ट किया है. इन किसानों ने यह स्कैम करने वालों को अपने बैंक एकाउंट मौजूद कराए थे. इस मुद्दे में पीड़ित पुणे में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य करते हैं. वह शेयर्स में ट्रेडिंग करते थे. पिछले महीने उन्होंने शेयर्स और क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट से जुड़ा एक औनलाइन विज्ञापन देखा था. इस विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें एक मैसेंजर ऐप पर एक ग्रुप में ऑटोमैटिक ढंग से जोड़ दिया गया. स्कैम करने वालों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में अच्छे प्रॉफिट का ऑफर दिया था. इसके बाद उनसे विभिन्न बैंक एकाउंट्स में 58.70 लाख रुपये लिए गए.

पुलिस ने कहा कि जब पीड़ित को प्रॉफिट की धनराशि नहीं मिली तो उन्होंने स्कैम करने वालों से पूछना प्रारम्भ किया लेकिन संदिग्धों ने उनकी कॉल्स का उत्तर देना बंद कर दिया. इसके बाद उन्होंने पुलिस के पास कम्पलेन दर्ज कराई. इस मुद्दे की जांच के दौरान पुलिस ने ट्रांजैक्शंस को देखा और उन्हें पता चला कि पीड़ित ने दो बैंक एकाउंट्स में धनराशि ट्रांसफर की थी. ये एकाउंट दो किसानों के थे. इन किसानों ने मोबाइल SIM कार्ड भी खरीदकर संदिग्धों को दिए थे.

हाल ही में अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (FBI) ने कहा है था कि पिछले साल क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े स्कैम में 53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. कुछ राष्ट्रों में रेगुलेटर्स ने इस परेशानी से निपटने के लिए क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाने की तैयारी की है. FBI ने एक रिपोर्ट में कहा था कि पिछले साल क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट की आड़ में फ्रॉड बढ़कर 3.94 अरब $ के थे. इससे पिछले साल में इन फ्रॉड में लोगों ने लगभग 2.57 अरब $ की धनराशि गंवाई थी. इस तरह के स्कैम्स में जालसाज क्रिप्टो से जुड़े इनवेस्टमेंट की एडवाइज की पेशकश करते हैं और लोगों को जाली टोकन्स में धनराशि लगाने के लिए कहते हैं. इसमें अधिक रिटर्न मिलने का लालच दिया जाता है. आमतौर पर, इस स्कैम में  फंसाने के लिए Facebook और Twitter जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जाता है.
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