अडानी ग्रुप समूह के शेयरों में 20 फीसदी तक की आई तेजी
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के 24 नवंबर को अडानी-हिंडनबर्ग मुद्दे में अपना निर्णय सुरक्षित रखने के बाद मंगलवार को समूह के शेयरों में 20 प्रतिशत तक की तेजी आई।
अडानी टोटल गैस 19 फीसदी, अडानी एनर्जी 17 फीसदी, अडानी ग्रीन 14 फीसदी, अडानी पावर 13 प्रतिशत और अडानी एंटरप्राइजेज 10 प्रतिशत ऊपर है।
शीर्ष न्यायालय ने बोला था कि भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) से यह आशा नहीं की जा सकती कि वह अपने निष्कर्ष निकालने के लिए समाचार पत्रों की रिपोर्टों का पालन करेगा।
चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ताओं द्वारा संगठित क्राइम और करप्शन रिपोर्टिंग परियोजना और हिंडनबर्ग रिसर्च जैसे संगठनों की रिपोर्टों की जानकारी के इस्तेमाल पर भी नाराजगी व्यक्त की।
भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ओसीसीआरपी रिपोर्ट (संगठित क्राइम और करप्शन रिपोर्टिंग परियोजना) के संबंध में नए तथ्य उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में लाए थे।
सॉलिसिटर जनरल के अनुसार, जब सेबी ने ओसीसीआरपी को पत्र लिखकर 31 अगस्त की रिपोर्ट में अडानी समूह के विरुद्ध इल्जाम लगाते समय संगठन द्वारा भरोसा किए गए विवरण और दस्तावेजों की मांग की, तो ओसीसीआरपी ने आरोपों का विवरण साझा नहीं किया और बोला कि वह हिंदुस्तान में एक गैर सरकारी संगठन से प्राप्त किया जा सकता है, जिसने उसे जानकारी प्रदान की थी।
सॉलिसिटर जनरल के मुताबिक, इस एनजीओ को प्रशांत भूषण चलाते हैं।
सुनवाई के दौरान हिंदुस्तान के सॉलिसिटर जनरल ने न्यायालय को कहा कि अडानी ग्रुप के विरुद्ध आरोपों से जुड़े 24 में से 22 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है।

