अश्विनी वैष्णव ने समझाया कैसे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा GST सुधार…
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संवाददाताओं को कहा कि हाल ही में प्रारम्भ किए गए अगली पीढ़ी के GST सुधारों पर काम लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रारम्भ हुआ था और इसका किसी भी बाहरी कारक से कोई लेना-देना नहीं है. उनसे पूछा गया था कि क्या GST सुधारों का भारतीय वस्तुओं पर ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ से कोई सीधा संबंध है. वैष्णव ने बोला कि GST सुधारों की तैयारी लगभग डेढ़ वर्ष पहले…अमेरिकी चुनावों से पहले प्रारम्भ हो गई थी. यह पहल पीएम मोदी के सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के साफ लक्ष्य के अनुसार की गई थी. यह GST सुधार राष्ट्र की बदलाव यात्रा प्रारम्भ करेगा.
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वैष्णव ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ का साफ संदर्भ देते हुए बोला कि डेढ़ वर्ष से चल रही इस GST सुधार प्रक्रिया को अब आखिरी रूप दे दिया गया है…हर कदम पर, पीएम मोदी ने हमारा मार्गदर्शन किया है…इस अगली पीढ़ी के सुधार में बाहरी कारकों की कोई किरदार नहीं है. इसके अलावा, उन्होंने GST से पहले के दौर के उदाहरण दिए, जब माल से लदे ट्रकों को आवश्यक मंज़ूरी के लिए राज्य की सीमाओं पर लंबी कतारें लगानी पड़ती थीं. मंत्री ने बोला कि अब यह प्रक्रिया सहज है. उन्होंने बोला कि पहले, राज्य की सीमाओं पर ट्रकों की लंबी कतारें लगती थीं. अब, ई-वे बिल कुछ ही सेकंड में बन जाते हैं.
जीएसटी 2017 में लागू किया गया था. वैष्णव ने बोला कि 2025-26 के बजट में दी गई इनकम टैक्स राहत और GST दरों को युक्तिसंगत बनाने से हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को एक नए स्तर पर पहुँचाने की आशा है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला कि 2014 से पहले, कराधान प्रणाली बहुत जटिल थी और वस्तुओं पर कई स्तरों पर कर लगाया जाता था. GST ने इसे सरल बना दिया है. GST सुधारों में यह युक्तिकरण और सरलीकरण लोगों के जीवन को आसान बनाएगा. उन्होंने बोला कि अगली पीढ़ी के सुधारों के अनुसार सभी दैनिक इस्तेमाल की वस्तुओं पर GST कम कर दिया गया है. उन्होंने बोला कि पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से जो वादा किया था, वह पूरा हो गया है.
22 सितंबर, नवरात्रि के पहले दिन, GST दरों में सभी परिवर्तन लागू हो जाएँगे. वैष्णव ने बोला कि यह GST सुधार हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को और आगे बढ़ाएगा. विशुद्ध आर्थिक दृष्टिकोण से, हमारी जीडीपी वर्तमान में 3.30 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से 2.02 लाख करोड़ रुपये हमारी खपत है. यदि हमारी खपत 10% भी बढ़ जाती है, तो हमारे पास 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत होगी, जो जीडीपी में सहयोग देगी,” उन्होंने एक अनुमानित गणना दी कि यह GST सुधार राष्ट्र की खपत को किस हद तक बढ़ा सकता है.

