इस वजह से अमेरिका के साथ भारत नहीं करेगा जीरो फॉर जीरो टैरिफ डील
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच इस हफ्ते द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर वर्चुअल वार्ता प्रारम्भ होने वाली है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हिंदुस्तान समेत पूरे विश्व के तमाम राष्ट्रों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने के घोषणा के बावजूद हिंदुस्तान अमेरिका के साथ जीरो ऑफर जीरो टैरिफ डील करे, इसकी आसार नहीं है।

आधिकारिक सूत्रों का बोलना है कि BTA के अनुसार जीरो फॉर जीरो टैरिफ की आसार नहीं है, क्योंकि दोनों राष्ट्र आर्थिक वृद्धि के भिन्न-भिन्न स्तर पर हैं। हालांकि, कुछ व्यापार जानकारों ने सुझाव दिया है कि हिंदुस्तान अमेरिका के जवाबी शुल्क वृद्धि से निपटने के लिए अमेरिका को ‘शून्य-के-लिए-शून्य’ शुल्क रणनीति का प्रस्ताव दे सकता है।
एक अधिकारी ने बोला कि अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच शून्य-से-शून्य शुल्क संभव हो सकता है क्योंकि दोनों ही विकसित और उन्नत देश हैं। अधिकारी ने बोला कि भारत-अमेरिका समझौता हमेशा एक ‘पैकेज’ समझौता होगा जिसमें सामान और गैर-शुल्क बाधाओं जैसे मामले शामिल हो सकते हैं।
मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर जारी है बातचीत
मामले से अवगत अधिकारी ने बोला कि ऐसा नहीं होता है कि यदि वह इलेक्ट्रॉनिक्स में ‘शून्य’ करेगा, तो हम भी इलेक्ट्रॉनिक्स में ऐसा करेंगे। व्यापार समझौते इस तरह नहीं होते हैं। यह एक गलत सोच है। हिंदुस्तान और अमेरिका मार्च से बीटीए पर वार्ता कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने इस वर्ष सितंबर-अक्टूबर तक समझौते के पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब $ से 2030 तक 500 अरब $ तक पहुंचाना है।
उन्होंने आगे कहा, “समझौते के लिए काम प्रारम्भ हो गया है। व्यापार समझौते पर वार्ता करने में हिंदुस्तान अन्य राष्ट्रों से बहुत आगे है।” हिंदुस्तान और अमेरिका ने समझौते के अनुसार आने वाले हफ्तों में क्षेत्र-विशिष्ट वार्ता आयोजित करने का निर्णय किया है। आने वाले हफ्तों में चर्चा करने का निर्णय हिंदुस्तान और अमेरिका के वरिष्ठ ऑफिसरों के बीच चार दिनों की वार्ता के बाद लिया गया है, जो 29 मार्च को यहां संपन्न हुई थी।

