बिज़नेस

टूटी मार्केट की कमर, सेंसेक्स का भी बुरा हुआ हाल

ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ खुले. बीएसई सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 21 मिनट पर 261.25 अंक की गिरावट के साथ 81,201.84 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. इसी तरह, एनएसई का निफ्टी भी 70.4 अंक की गिरावट के साथ 24,766.60 पर ट्रेड करता दिखा. सोमवार के कारोबार में निफ्टी पर मिश्रित रुझान देखने को मिला. टाटा मोटर्स, सिप्ला, टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाई और प्रमुख फायदा पाने वाले शेयरों में शामिल रहे.

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इन कद्दावर शेयरों में गिरावट 

वहीं दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, जियो फाइनेंशियल, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक और टाइटन कंपनी जैसे कद्दावर शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ये प्रमुख हानि में रहे. सेक्टरों पर नजर डालें तो रियल्टी इंडेक्स में 2 प्रतिशत, प्राइवेट बैंक में 1 प्रतिशत, आईटी और बैंक में 0.5-0.5 फीसदी की गिरावट रही, जबकि ऑटो, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक में 0.5-0.5 फीसदी की बढ़त देखी गई.

भारतीय रुपया 9 पैसे मजबूत

सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी $ की कमजोरी के चलते भारतीय रुपया 9 पैसे की मजबूती के साथ 86.43 पर पहुंच गया. पीटीआई की समाचार के मुताबिक, हालांकि, भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ वार्ता की अनिश्चितता के कारण रुपये की तेजी सीमित रही. फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, रुपया सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है क्योंकि आयातकों की ओर से $ की मांग बनी हुई है, जिससे अमेरिकी मुद्रा को सपोर्ट मिला हुआ है.

व्यापार समझौतों से मिलने वाला समर्थन विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने की वजह से कमजोर पड़ गया. इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया सकारात्मक रुख के साथ खुला और शुरुआती सौदों में $ के मुकाबले 86.43 के स्तर को छू लिया, जो पिछले बंद रेट की तुलना में 9 पैसे की बढ़त दर्शाता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने बोला है कि नकारात्मक खबरों और संकेतों के चलते निफ्टी एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है और बाजार की धारणा लगातार नकारात्मक बनी हुई है. उन्होंने बोला कि हालांकि जापान और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ व्यापार समझौते, जो पहले कठिन माने जा रहे थे, हो चुके हैं, लेकिन भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, जिसकी काफी आशा की जा रही थी, अब भी अधर में लटका हुआ है.

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