बिज़नेस

भारत में घर खरीदना बन चुका है जंग, जानें क्यों हुई दिक्कत…

खुद का घर खरीदना तो हर भारतीय का सपना होता है, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि राष्ट्र के लोगों के लिए इस सपने को पूरा करना कठिन होता जा रहा है 10 में से 8 लोगों ने एक ही समस्‍या बताई है कि देशभर में प्रॉपर्टी की कीमतों में आ रहे अंधाधुन्ध उछाल की वजह से घर बनाना कठिन होता जा रहा है प्रॉपर्टी सलाहकार फर्म एनारॉक ने कंज्‍यूमर सेंटिमेंट सर्वे में कहा है कि 81 प्रतिशत लोगों ने अपना घर बनाने को कठिन काम कहा है

Emi 70434949

WhatsApp Group Join Now

एनारॉक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देशभर में प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन कुछ ऐसे शहर हैं जहां स्वयं के लिए घर बनाना एवरेस्‍ट चढ़ने जैसा है इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ रही हैं कि मिडिल क्‍लास की औकात से बाहर जाती दिख रहीं खासतौर से राष्ट्र के 7 शहरों में प्रॉपर्टी के मूल्य सबसे ज्‍यादा बढ़े हैं और अब टीयर-2 और 3 शहरों में भी कीमतों में अंधाधुन्ध उछाल आ रहा है

2 वर्ष में 50 प्रतिशत बढ़ी कीमत
एनारॉक की रिपोर्ट देखें तो पता चलता है राष्ट्र के 7 शहरों में प्रॉपर्टी के रेट सबसे ज्‍यादा बढ़े हैं यहां वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में प्रॉपर्टी के रेट 6,001 रुपये प्रति वर्गफुट थे, जो 2 वर्ष बाद यानी 2025 की दूसरी तिमाही में बढ़कर 8,999 रुपये प्रति वर्गफुट पहुंच गई इस तरह, प्रॉपर्टी का रेट महज 2 वर्ष में ही 50 प्रतिशत बढ़ चुका है सर्वे में शामिल 62 प्रतिशत लोगों ने किफायती मकानों को लेकर बड़ा गैप देखा है, जबकि 92 प्रतिशत लोगों ने प्रोजेक्‍ट की लोकेशन को लेकर दिक्‍कत जताई है

मुंबई वालों को सबसे ज्‍यादा चिंता
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि शहरों में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों की वजह से खरीदारों को सबसे ज्‍यादा कठिन हो रही है मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतें सबसे ज्‍यादा तेजी से बढ़ी हैं, बावजूद इसके केवल 39 प्रतिशत लोगों ने ही कीमतों को लेकर सबसे ज्‍यादा चिंता जताई है 61 प्रतिशत लोगों ने भी कीमतों को लेकर चिंता जताई है, लेकिन इसमें से 20 प्रतिशत लोगों ने ज्‍यादा चिंता जताई है जबकि 41 प्रतिशत ने कीमतों को लेकर कम चिंता जताई लेकिन लोकेशन को लेकर ज्‍यादा कठिनाई थी

क्‍या है ज्‍यादातर लोगों का बजट
एनारॉक ने सर्वे में कहा कि ज्‍यादातर लोगों के पास घर खरीदने का बजट 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये के बीच होता है सर्वे में शामिल 36 प्रतिशत लोगों ने यही बजट बताया इससे साफ पता चलता है कि लोगों का ध्‍यान प्रीमियम और लग्‍जरी प्रॉपर्टीज की तरफ शिफ्ट हो रहा है 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनका बल 45 लाख रुपये से 90 लाख रुपये के बीच होगा

बड़े घरों की डिमांड ज्‍यादा
बडे़ घरों को लेकर लोगों की डिमांड आज भी ज्‍यादा है सर्वे में शामिल 45 प्रतिशत लोगों ने 3बीएचके मकान की डिमांड की है 45 लाख से कम मूल्य वाले मकानों की डिमांड 2025 की पहली छमाही में 17 प्रतिशत रह गया है वर्ष 2020 की पहली छमाही में यह डिमांड 40 प्रतिशत थी पुरी ने बोला कि राष्ट्र के टॉप 7 शहरों में पिछले 2 वर्ष में मकानों की नयी सप्‍लाई काफी कम हो गई है वर्ष 2023 की पहली छमाही में जहां डिमांड 18 प्रतिशत थी, वहीं 2025 की पहली छमाही में यह आंकड़ा 12 प्रतिशत रहा है

Back to top button