क्या चीन पर आंच भी ला सकता है अमेरिका का नया टैरिफ….
भारत में डेनमार्क के पूर्व राजदूत फ्रेडी स्वेन ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिंदुस्तान के विकास की सराहना की. आईएएनएस के साथ वार्ता के दौरान उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था, अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के साथ-साथ अन्य कई मुद्दों पर वार्ता की. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चीन पर लागू ताजा टैरिफ का वैश्विक व्यापार पर क्या असर पड़ेगा.

पीएम मोदी के नेतृत्व में हिंदुस्तान के विकास को लेकर पूर्व राजदूत स्वेन ने कहा, मैं अब एक आम नागरिक हूं, लेकिन इससे पहले मैं हिंदुस्तान में डेनमार्क का राजदूत रह चुका हूं. जाने से पहले, मैंने हिंदुस्तान के पीएम के साथ एक निजी बैठक की. मेरा हमेशा से हिंदुस्तान में विश्वास रहा है. बेशक, कई चुनौतियां हैं, लेकिन मजबूत सियासी नेतृत्व बहुत महत्वपूर्ण है. मजबूत नेतृत्व की वजह से हिंदुस्तान को बहुत लाभ होता है.
भारत पर अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ को लेकर पूर्व राजदूत ने कहा, मैं अब डेनमार्क का अगुवाई करता हूं. मैं एक पूर्व राजनयिक हूं, लेकिन मैंने अमेरिका और यूरोपीय संघ, दोनों के साथ मिलकर काम किया है. शुल्कों का मामला बहुत जटिल है और इससे निपटने में मुझे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. मेरा मानना है कि हिंदुस्तान सहित कई राष्ट्रों के लिए ऐसे बदलावों के प्रति सावधान रहना और अपने आर्थिक और सुरक्षा हितों की रक्षा करना भी बहुत महत्वपूर्ण है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का घोषणा किया है, जो 1 नवंबर से लागू होगा. इसे लेकर डेनमार्क के पूर्व राजदूत फ्रेडी स्वेन ने बोला कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक नीतियों से सिर्फ़ सबसे ताकतवर राष्ट्रों को ही फायदा नहीं होना चाहिए. ऐसा दृष्टिकोण सभी के लिए आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने में सहायता नहीं करेगा.
उदाहरण के लिए, टैरिफ हमेशा मददगार नहीं हो सकते, लेकिन ऐसा लगता है कि वाशिंगटन से लगभग प्रत्येक दिन उनके बारे में नए बयान आते रहते हैं. टैरिफ एक प्रमुख उपकरण बन गया है, जो वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर राष्ट्रों और लोगों की प्रतिक्रिया और उनके सामंजस्य को प्रभावित करते हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर डेनमार्क के पूर्व राजदूत ने बोला कि भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, मैं पिछले छह महीनों से हिंदुस्तान पर कड़ी नजर रख रहा हूं. मैं हिंदुस्तान को एक मजबूत राष्ट्र मानता हूं, जिसमें अपार संभावनाएं हैं. हिंदुस्तान का एक साफ लक्ष्य है और इसे प्राप्त करने के लिए उचित योजना, एक निश्चित एजेंडा और केंद्रित प्रयासों की जरूरत है. भारतीय अर्थव्यवस्था में खासकर इसकी विशाल युवा जनसंख्या के साथ, अनेक अवसर उपस्थित हैं. आर्थिक विकास को गति देने के लिए रोजगार सृजन और युवाओं की ऊर्जा एवं क्षमता का दोहन जरूरी है.
भारत की नयी व्यापार नीतियों और निवेशकों के लिए अवसरों को लेकर उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान के पास घरेलू और तरराष्ट्रीय दोनों तरह के निवेशकों को आकर्षित करने का एक अनूठा अवसर है. मुझे ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार और हरित राजमार्गों और सतत मिशनों जैसे हरित समाधानों को लागू करने में जरूरी संभावनाएं दिखाई देती हैं. हिंदुस्तान में अपार क्षमताएं हैं और दुनिया का कोई भी राष्ट्र इस क्षेत्र में हिंदुस्तान जितनी प्रगति नहीं कर रहा है.
डिजिटल इण्डिया और मेक इन इण्डिया को लेकर उन्होंने बोला कि एक राजदूत के रूप में मुझे यह देखने का अवसर मिला कि डिजिटलाइजेशन के माध्यम से हिंदुस्तान कैसे बदल रहा है. मैं क्यूआर कोड के इस्तेमाल से बहुत प्रभावित हुआ, जो बहुत बढ़िया और अत्यंत जरूरी हैं.

