सीसीआई ने गूगल पर लगाए गए जुर्माने को घटाया
नई दिल्ली। लंबे समय के बाद गूगल के लिए अच्छी समाचार आई है। दरअसल राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने शुक्रवार को प्ले स्टोर नीतियों के संबंध में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने गूगल पर लगाए गए जुर्माने को 936.44 करोड़ रुपये से घटाकर 216.69 करोड़ रुपये कर दिया है।

NCLAT के चेयरपर्सन जस्टिस अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य अरुण बरोका की एक बेंच ने अल्फाबेट इंक – गूगल की पेरेंट कंपनी के विरुद्ध 2022 के CCI के निष्कर्षों को आंशिक रूप से बरकरार रखा, लेकिन नए मूल्यांकन के आधार पर जुर्माने की राशि का पुनर्मूल्यांकन किया। गूगल ने पहले ही संशोधित जुर्माने की 10% राशि जमा कर दी है और शेष राशि 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
सीसीआई ने क्या दिये थे निर्देश
उस समय, CCI ने Google को प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों में भाग लेने से रोकने और एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने व्यवहार में परिवर्तन करने का निर्देश दिया था। CCI के निर्णय में बोला गया कि Google पर लगभग सात फीसदी का जुर्माना लगाया जा रहा है, जो Google के औसत संबंधित टर्नओवर का है। यह जुर्माना प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 4 का उल्लंघन करने के लिए लगाया गया है, जो किसी भी कंपनी या समूह को अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने से रोकता है।
हालांकि NCLAT ने CCI के निष्कर्षों को पूरी तरह से खारिज नहीं किया, बल्कि उसके कुछ हिस्से को बरकरार रखा। सीसीआई के आदेश के बस कुछ हिस्सों को खारिज कर दिया, जिसमें Google को अधिनियम की धारा 4(2)(b)(ii) और धारा 4(2)(c) के अनुसार गुनेहगार पाया गया था। ये प्रावधान प्रमुख संस्थाओं को तकनीकी या वैज्ञानिक डेवेलपमेंट को रोकने और प्रतिस्पर्धियों को बाजार में एंटर करने से रोकने से इंकार करते हैं।

